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ई-कॉमर्स, छोटे रिटेलरों के लिए बनेगी नीति !

नेशनल थॉट्स डेस्क।  सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों से पूछा है कि वे छोटे दुकानदारों के साथ मिलकर किस तरह काम कर सकती हैं ताकि उनका कारोबार बढ़े। इंडस्ट्री के तीन सीनियर एग्जिक्यूटिव्स ने बताया कि यह इस बात का संकेत है कि केंद्र इसके लिए किसी नीति पर काम कर रहा है। हाल में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स और ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन  ने सरकार से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर दिए जा रहे भारी डिस्काउंट की शिकायत की थी।

उन्होंने आरोप लगाया था कि फेस्टिव सीजन की सेल के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियों ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नियमों का उल्लंघन किया है। सरकार की तरफ से ई-कॉमर्स कंपनियों से पूछताछ की पहल इसके बाद हुई है। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड ने 4 नवंबर को वॉलमार्ट के मालिकाना हक वाली कंपनी फ्लिपकार्ट, एमेजॉन, स्नैपडील, जोमैटो, स्विगी और बिग बास्केट समेत अन्य कंपनियों को इस संदर्भ में ईमेल भेजी थी। इस ईमेल की कॉपी इकनॉमिक टाइम्स ने भी देखी है।

सरकार ऑनलाइन डिस्काउंटिंग को लेकर छोटे कारोबारियों की चिंताएं दूर करना चाहती है। वह देख रही है कि दोनों पक्ष किस तरह से मिलकर काम कर सकते हैं ताकि दोनों का ही फायदा हो। एक इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव ने बताया, ‘सरकार ने इस बात को नोटिस लिया है कि देश में ई-कॉमर्स बिजनेस बढ़ रहा है। इस साल फेस्टिव सीजन में इसकी ग्रोथ अच्छी रही, जबकि कुल मिलाकर देश में खपत में गिरावट आई। सरकार ऐसी पॉलिसी बनाना चाहती है, जिससे छोटे रिटेलरों और कारोबारियों को भी इस ग्रोथ स्टोरी का लाभ मिले।’

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