Hindi News, हिंदी समाचार, Samachar, Breaking News, Latest News,Bol Vyapari Bol,Hote Jo Hum Sarkar
national thoughts
Motivational

जीवन का लक्ष्य

दोस्तों इस दुनिया में ज्यादातर लोगों को जीवन का लक्ष्य ही नहीं मिलता। ऐसे लोग बस किसी न किसी तरह अपने दिन पास करते रहते है। आखिर ऐसी कौन सी बाधा लोगो को रोक रही है। जिसके कारण लोग अपना लक्ष्य नहीं देख पा रहे है। इसी बात को समझाने के लिए मैं आपको एककहानी सुनाता हूँ

एक बार एक व्यक्ति अपने ऊंटों के साथ एक रेगिस्तान से गुजर रहा था। रात होने वाली थी। इसलिए उसने पास की ही एक सराय में रुकने का फैसला किया। उसने सराय के बाहर खूँटियाँ गाडी, और ऊंटों को रस्सी से बाँधने लगा। मगर उसके पास रस्सी कम थी। जिसके कारण एक ऊंठ बच गया। जब रस्सी की व्यवस्था नहीं हो पायी तो सराय के मालिक ने उसे सलाह दी। की तुम उस ऊंठ के पास जाकर खूंटी गाड़ने जैसी चोट करो, और उस ऊंठ को रस्सी से बाँधने का अहसास करवाओ।यह बात सुनकर वह व्यक्ति आश्चर्य में पड़ गया। लेकिन उसके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था। इसलिए वह ऊंठ के पास गया, और खूँटी गाड़ने जैसी चोट करने लगा, और फिर रस्सी से ऊंठ को बाँधने का दिखावा किया। यह सब होने के बाद ऊंठ ने सोचा। की वह बँध चुका है। वह वही पर बैठ गया और सो गया। उस व्यक्ति ने सुबह उठकर सभी खूँटियाँ उखाड़ी और ऊंटों को रस्सियाँ खोल दी। सभी ऊंठ उठकर चल पड़े। लेकिन वह ऊंठ जिसे रस्सी से नहीं बाँधा था। वह बैठा रहा। उस व्यक्ति को यह देखकर बहुत ही आश्चर्य हुआ। वह सोचने लगा की यह ऊंठ तो बँधा भी नहीं है। फिर भी यह उठ क्यों नहीं चल रहा है।  तभी सराय का मालिक वहाँ आ गया। उसने उस व्यक्ति को समझाया। तुम्हारे लिए वहाँ खूँटी और रस्सी का बंधन नहीं है। लेकिन उस ऊंठ के लिए है। जैसे तुमने रात में किया था। वैसा ही अब करो। उस ऊंठ को रस्सी खोलने का अहसास करवाओ। वह व्यक्ति ऊंठ के पास गया और रस्सी खोलने का दिखावा किया। रस्सी खुलते ही वह ऊंठ उठकर चल पड़ा दोस्तों इस कहानी  से मैं आपको ये समझाना चाहता हूँ। की जो व्यक्ति अपना लक्ष्य नहीं देख पा रहे है। वे सभी ऐसी ही काल्पनिक रस्सियों और खूँटियों से बंधे हुए है। वे नहीं जानते की इनका कोई अस्तित्व ही नहीं है। अगर आप अपनी जिंदगी में सफलता पाना चाहते है। तो आपको इन काल्पनिक रस्सियों को तोड़ फेकना होगा। और एक सही दिशा में चलते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना होगा। आप अपनी दिशा में ही चलते रहे आप को दिशा से भटकाने वाले बहुत से लोग मिलेंगे। और सही दिशा दिखाने वाले बहुत कम होंगे।  जो लक्ष्य आप ने चुना है आप अपने लक्ष्य पर ही चलें क्यों लोगों को जीवन का लक्ष्य नहीं मिलता।

Related posts

Leave a Comment