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नागरिकता संशोधन बिल को मिली हरी झंडी, शाह करेंगे संसद में पेश 

 नेशनल थॉट्स डेस्क।  संसद का शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) जारी है। संसद का 14 दिन जारी है। इसी बीच केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें नागरिकता संशोधन बिल को पास कर दिया गया है। अब ये बिल गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संसद में पेश किया जाएगा। इस बिल को लेकर सरकार ने पहले ही कहा था कि वो इस बार संसद में इसे पेश करेगी।

नागरिकता संशोधन विधेयक पर  संसद के दोनों सदनों में विपक्ष इस बिल का जमकर विरोध कर सकता है। वही संसद में अमित शाह इस बिल को आज पेश करेंगे ऐसे में केंद्रीय कैबिनेट ने नागरिकता संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने ‘प्याज की बढ़ती कीमत’ को लेकर राज्यसभा में सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया वही कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने ‘अरुणाचल प्रदेश में चीनी अतिक्रमण’ के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया।

वही इस नागरिकता (संशोधन) विधेयक से मुस्लिम आबादी बहुल पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आने वाले गैर-मुस्लिम अप्रवासियों के लिए भारत की नागरिकता लेना आसान हो जाएगा। विधेयक में इसे साफ नहीं किया गया है, लेकिन इसके तहत ऐसा प्रावधान किया गया है कि इन देशों में अत्याचार सह रहे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई भारत की नागरिकता हासिल कर सकते हैं। इसमें मुस्लिमों को शामिल नहीं किया गया है। इस विधेयक में नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन किया गया। नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार, भारत की नागरिकता के लिए आवेदक का पिछले 14 साल में 11 साल तक भारत में निवास करना आवश्यक है लेकिन संशोधन में इन तीन देशों से आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी, और ईसाई समुदाय के लोगों के लिए इस 11 साल की अवधि को घटाकर छह साल कर दिया गया है।

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