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6 lakh rupees will be earned in one acre, many benefits of consuming it
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एक एकड़ में होगी 6 लाख रुपए कमाई, सेवन करने के भी कई फायदे

किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प के रूप में देखी जा सकती है फसल | पारंपरिक फसलों की खेती से किसान अब नकदी फसलों की तरफ रुख कर रहे हैं | अधिक लाभ पाने के उद्देश्य से किसानों में औषधीय गुणों से भरपूर पौधों की खेती का चलन बढ़ा है | लागत कम और बाजार में मांग ज्यादा होने की वजह से किसान इसे एक बेहतर विकल्प मान रहे हैं | यहीं कारण है कि दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले पौधों की खेती का चलन बढ़ रहा है |
इसी तरह का एक पौधा चिया सीड्स | पौष्टिकता और उच्च गुणवत्ता के कारण इसे सुपर फूड भी कहा जाता है | भारत में इसकी खेती अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है | किसान बताते हैं कि एक एकड़ की खेती में चिया फूड्स से 6 लाख रुपए तक कमाई हो जाती है | आइए जानते हैं चिया सीड्स की खेती के बारे में…

चिया सीड की खेती जैविक और आसान

  • इसकी खेती पूरी तरह से जैविक और आसान है | चिया सीड्स की दो तरह से बुवाई होती है | छिड़काव विधि से बुवाई करने पर एक एकड़ जमीन में करीब एक से डेढ़ किलो बीज लगता है | दूसरी विधि में पहले आप नर्सरी में बीज तैयार कर लीजिए और फिर खेत में इसकी रोपाई करिए | इस विधि से रोपाई करने पर एक एकड़ में आधा किलो बीज से काम चल जाता है |
  • चिया सीड फसल की खेती के लिए मध्यम तापमान की जरूरत होती है | ठंड वाले पहाड़ी इलाकों को छोड़ दें तो पूरे भारत में इसकी खेती की जा सकती है | कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि दोमट और भूरभूरी मिट्टी में इसका अच्छा उत्पादन होता है |

एक एकड़ में 6 क्विंटल होती है पैदावार

  • चिया सीड की अच्छी पैदावार पाने के लिए खेत को अच्छे से तैयार करना जरूरी है | पहले दो तीन बार जुताई कराकर मिट्टी को भुरभुरा बना दिया जाता है | इसके बाद पट्टा चलाकर खेत को समतल कर देते हैं | अच्छे अंकुरण के लिए बुवाई से पूर्व खेत में उचित नमी होना आवश्यक है | चिया सीड फसल की बुवाई का सही समय अक्टूबर और नवंबर का महीना होता है | अच्छी पैदावार के लिए निराई जरूरी है | कम से कम दो बार निराई करनी चाहिए |
  • यह फसल 110 दिन में तैयार हो जाती है. चिया सीड की कटाई नहीं की जाती बल्कि तैयार फसल को उखाड़ लिया जाता है | उखाड़ी गई फसल को सूखने के बाद किसान थ्रेसिंग से बीज निकाल लेते हैं | एक एकड़ खेत में करीब 6 क्विंटल तक चिया सिड्स की उपज प्राप्त हो जाती है
 
इनका सेवन करने से होते ये फायदे –
 
  • प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है ये सीड्स – बॉडीबिल्डिंग के लिए प्रोटीन का सेवन करना बहुत जरूरी माना जाता है और बॉडी बिल्डर्स के द्वारा भी प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। चिया सीड्स में भी प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है | जो नई मसल्स को बनाने का गुण रखने के साथ-साथ शरीर में जरूरी प्रोटीन की मात्रा की भी पूर्ति करता है। इसलिए बेहतरीन प्रोटीन सोर्स के रूप में इस अनाज का सेवन किया जा सकता है।

  • एनीमिया से बचाए रखने में मददगार – एनीमिया की समस्या ज्यादातर उन महिलाओं को होती है जो गर्भवती होती हैं। यह खून की कमी की एक ऐसी अवस्था होती है जिसे सही समय पर दूर किया जाना बहुत जरूरी होता है। दरअसल, इसमें मौजूद आयरन की मात्रा आपके शरीर में खून की कमी को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर सकता है।

  • हड्डियों की मजबूती के लिए – सबसे जरूरी पोषक तत्व कैल्शियम होता है और यह बात हम सभी जानते हैं। इस बीज को भी कैल्शियम का एक बेहतरीन सोर्स माना जाता है और हड्डियों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए आप इसका सेवन कर सकते हैं। दूध के साथ चिया सीड्स का सेवन करने से आपको इसका फायदा खुद ही देखने को मिल सकता है।

  • त्वचा के लिए लाभदायक – त्वचा के लिए भी इस अनाज का सेवन काफी फायदेमंद रहेगा। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा आपकी त्वचा को एंटी-एजिंग प्रभाव देने के साथ-साथ इसमें कसाव भी उत्पन्न करता है। यह अनाज एंटीऑक्सीडेंट मात्रा के कारण आपकी स्किन को प्रोटेक्ट करने में सक्रिय भूमिका भी निभा सकता है।

  • वजन घटाने में –  वजन बढ़ने के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है जिसमें टाइप टू डायबिटीज का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इसलिए मोटापे की समस्या से बचे रहने के लिए भी इस अनाज का सेवन काफी लाभदायक साबित होगा, क्योंकि इसमें भूख को नियंत्रित करके वजन घटाने का गुण पाया जाता है।

  • पाचन तंत्र के लिए – इस अनाज के सेवन से पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाने में काफी मदद मिलती है जो कि इसमें फाइबर की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। फाइबर एक ऐसा पोषक तत्व है जो न केवल पाचन क्रिया को सक्रिय रूप से चलाता है बल्कि यह पूरे पाचन तंत्र की कार्य प्रणाली को भी सक्रिय रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। 

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