फारूक बलिदान के लिए उमर से क्यों नहीं कहतेः लोन

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श्रीनगर || जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासीन मलिक को केन्द्र सरकार के आगे झुकने से बेहतर मर जाने संबंधी नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पीपुल्स कांफ्रेंस के प्रमुख सज्जाद गनी लोन ने कहा कि फारूक क्यों मलिक को बलिदान के लिए भड़का रहे हैं, वह अपने पुत्र एनसी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को क्यों नहीं उकसाते। डॉ. अब्दुल्ला ने कुलगाम में चुनावी रैली में कहा, गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद यासीन मलिक इन दिनों जेल में है क्योंकि वह भारत के साथ बातचीत की वकालत कर रहा है लेकिन वह कश्मीरियों के स्वाभिमान को बेचने के लिए तैयार नहीं है। उसने आत्मसमर्पण से बेहतर मौत को चुना। मैं इसके लिए उसे बधाई देता हूं।

लोन ने कहा कि वह फारूक के घोर पाखंड से आश्चर्यचकित नहीं हैं लेकिन उनके दुस्साहसिक बयानों पर उन्हें पीड़ा हुई है। उन्होंने कहा, क्या आप वास्तव में यासीन मलिक के बारे में बात कर रहे हैं? क्या आप अपनी याददाश्त को थोड़ा सा जगा सकते हैं और याद कर सकते हैं कि 1987 में मुख्यमंत्री के रूप में युवा विद्रोही यासीन मलिक को हथियार उठाने के लिए मजबूर नहीं किया? क्या आप मुख्यमंत्री नहीं थे जिन्होंने 1987 के चुनावों से पहले और बाद में उन्हें (मलिक को) कैद कर लिया था? क्या आप मुख्यमंत्री नहीं थे जिन्होंने थर्ड-डिग्री की यातना का आदेश दिया और उन्हें इतनी बुरी तरह से प्रताड़ित किया कि उनका दिल खराब हो गया? क्या यह आप मुख्यमंत्री नहीं थे जिन्होंने मलिक के सिर पर कुछ लाख रुपये का इनाम रखा था? क्या आप वह सब भूल गए हो? और 32 साल बाद आप सभी यासीन मलिक के लिए प्रशंसा और उन्हें भूख हड़ताल पर जाने और उनके जीवन का बलिदान करने की उनकी तत्परता के लिए बधाई दे रहे हैं।

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