कॉरपोरेट कर की दर को 18 प्रतिशत पर लाया जाए, : सीआईआई

0
23
नई दिल्ली,  (वेबवार्ता)। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने कॉरपोरेट कर की दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने की मांग की है। उद्योग मंडल का कहना है कि कॉरपोरेट कर की दर को घटाने के साथ सभी कर छूटों को समाप्त करने से सरकारी खजाने को राजस्व का किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। नरेंद्र मोदी 1.0 सरकार ने कॉरपोरेट कर की दर को धीरे-धीरे घटाकर 30 से 25 प्रतिशत पर लाने का प्रस्ताव किया था। सरकार पहले ही 250 करोड़ रुपये से कम के कारोबार वाली कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दर को घटाकर 25 प्रतिशत कर चुकी है।
सीआईआई के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर ने पीटीआई भाषा से साक्षात्कार में कहा कि हम कर में कटौती चाहते हैं, साथ ही छूटों को समाप्ति चाहते हैं। हम काफी सरल कर संहिता के पक्ष में हैं। किर्लोस्कर ने कहा, हमारे आंकड़ों से पता चलता है कि यदि कॉरपोरेट कर को घटाकर 18 प्रतिशत किया जाए और छूट या कर मुक्तता को शून्य पर लाया जाए, तो राजस्व की दृष्टि से तटस्थ होगा। हम इस तरह की दिशा में जाना चाहेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी 2.0 सरकार का पहला बजट पांच जुलाई को पेश करेंगी। सीतारमण अभी विभिन्न अंशधारको के साथ बजट पूर्व विचार विमर्श कर रही हैं। किर्लोस्कर ने कहा कि सरकार को निवेश और वृद्धि को प्रोत्साहन के उपाय भी करने चाहिए। 2018-19 में वृद्धि दर घटकर पांच साल के निचले स्तर 6.8 प्रतिशत पर आ गई है। उन्होंने कहा कि निवेश बढ़ाने के लिए सरकार को भू सुधार और श्रम कानूनों में सुधार करना होगा। किर्लोस्कर ने विश्वास जताया कि नई मजबूत सरकार के सत्ता में आने के बाद देश सात प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर हासिल करने में सफल रहेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here