चांदनी चौक के जगमगाते चुनावी रण में मोदी के नेता, कांग्रेस का अनुभव या आप का मुद्दा

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नई दिल्ली || देश की राजधानी दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से एक सीट चांदनी चौक की है। यहाँ की जगमगाहट दिल्लीवासियों के दिलों पर राज करती है।  प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दिल्ली में बैठे हर शख्स का ताल्लुक इस संसदीय क्षेत्र से होता ही है।  पुरानी दिल्ली के नाम से जानी जाने वाली इस क्षेत्र के लिए कांग्रेस ने इस बार अपने वरिष्‍ठ और अनुभवी नेता जयप्रकाश अग्रवाल को चांदनी चौक से उम्‍मीदवार बनाया है। जेपी अग्रवाल चार बार सांसद रह चुके हैं। ऐसा कहा जाता है कि जेपी अग्रवाल पुरानी दिल्ली की नब्‍ज को बहुत ही बेहतर ढंग से जानते हैं। जबकि बीजेपी ने एक बार फिर 2014 में बीजेपी सांसद चुने गए डॉ. हर्षवर्धन पर भरोसा जताया है। लेकिन इस बार डॉ हर्षवर्धन के सामने जेपी अग्रवाल के रूप में बड़ी चुनौती है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने पंकज गुप्ता मैदान में उतारा है। पंकज गुप्ता बेशक राजनीति में कोई बहुत बड़ा नाम तो नहीं लेकिन प्रचार-प्रसार के शुरूआत में ही मुख्यमंत्री के द्वारा पंकज गुप्ता के मतदान की अपील कर रोड शो करना और जनता को प्रेरित करना उनके प्रभाव काफी हद तक प्रभावित करता है। आप प्रत्याशी ने अपने मैनिफेस्टो में कई सारे वादों की बौछार की है जिसमें जनता की मूल जरूरतों को बखूबी भुनाने का काम किया गया है। इस सबके बीच पार्टी ने बहुमत के बाद दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की बात कहीं है जिससे दिल्ली और दिल्लीवासियों का विकास तीव्र गति के साथ हो सकें।

चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र को लुभाने के लिए तीनों पार्टियाँ पूरे जोश के साथ जनता का समर्थन पाने की जुगत में है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है। बुधवार को जहाँ आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ जनता के बीच अपना और अपने पार्टी का प्रचार-प्रसार किया। वहीं इस क्षेत्र से सांसद रहे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डॉ. हर्षवर्धन भी जनता का समर्थन पाने  दिल्ली के ऑटो टैक्सी चालकों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उन्हें केजरीवाल सरकार द्वारा उनके साथ किये गये विश्वासघात की जानकारियाँ दी। साथ ही उन्होने बताया कि दिल्ली के तीन प्रमुख स्टेशनों निजामुद्दीन, नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली में सुविधा सम्पन्न वेटिंग रूम का निर्माण करवाया है, कमर्शियल लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त करवाई है, दुर्घटना की स्थिति में मिलने वाली राशि 2 लाख रूपये से बढ़ाकर 15 लाख रूपये करवा दी गई है तथा चालकों के आंखों के निःशुल्क ऑरेशन करवाने की भी सुविधा उपलब्ध करवाई है। इसके साथ ही भाजपा प्रत्याशी मटियामहल, शालीमार बाग और वज़ीरपुर विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक जनसम्पर्क किया। उन्होंने शिवाजी पार्क, भवभूति मार्ग, केला गोदाम रोड़, शालीमार बाग के विभिन्न ब्लाॅकों केशवपुरम और अशोक विहार के विभिन्न ब्लाॅकों में लोगों के साथ विचार-विमर्श किया और उन्हें बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अंतर्राष्ट्रीय छवि और उनके व्यक्तित्व के कारण आज पूरे विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ा है।

वहीं इस क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार जयप्रकाश अग्रवाल गाड़ियों के शोर और प्रदूषण से परहेज़ करते हुए पदयात्रा कर जनता को आकर्षित कर रहे है। शास्त्री नगर से रोशनारा रोड तक की पदयात्रा की l इस पदयात्रा में हजारों की संख्या मे आम जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता बड़े जोश के साथ शामिल हुए । पूरी पदयात्रा में जोश दिखा और ‘ जे पी अग्रवाल ज़िंदाबाद ‘ तथा ” कांग्रेस और राहुल गांधी , सोनिया गांधी ज़िंदाबाद’ के नारे लगाते रहे यात्रा के दौरान जे. पी. अग्रवाल ने चांदनी चौक क्षेत्र मे सरकारी स्कूल,  चिकित्सा और स्वास्थ्य के विषय पर विशेष धयान देते हुए कहा,  “सरकारी स्कूलों में क्लास 1से क्लास 12 तक कि शिक्षा मुफ्त और अनिवार्य होगी। हर स्कूल में पर्याप्त बुनियाद  सुविधाएं और योग्य शिक्षक रखे जाएंगे l चिकित्सा सुविधाओं में सुधार होगा,  स्वास्थ्य संबंधी कानून लागू करेगी सरकार जिससे की कोई शिक्षा,  स्वास्थ्य और सेहत से वंचित ना रहे। चांदनी चौक में और भी सरकारी स्कूल खोले जाएंगे, ये मेरी जिमीदारी है,  मैं आप  लोगों से  यह वादा  कर  रहा हूं अगर कांग्रेस की सरकार  आई तो मैं अपने वादे से पीछे नहीं हटूंगा । इस दौरान अग्रवाल ने केन्द्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता ने झूठे वायदों के जाल में फंसकर जुमलेबाजों को सत्ता सौंप दी थी। इसका नतीजा यह हुआ कि इस सरकार ने नौजवानों को नौकरी के नाम पर पकौड़ों का ठेला लगाने को कह दिया। नोटबंदी के दौर में कई कारखाने बंद हो गए। नौकरी चले जाने से लोगों का अपना घर का खर्च चलाना मुहाल हो गया। लोगों के सामने यह समस्या खड़ी हो गई कि वह बच्चों की स्कूल फीस कहां से भरे। रोज कमाने वाले गरीब मजदूर सड़क पर आ गए।

कुल मिलाकर चाँदनी चौक की जगमगाहट इस बार राजनीति के लिहाज़ से भी खास है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जिस तरह का भरोसा पार्टी ने 2014 में जनता का समर्थन  प्राप्त करने वाले सांसद डॉ. हर्षवर्धन पर जताया है क्या उतना ही भरोसा एक बार फिर जनता हर्षवर्धन पर दिखाती है या फिर कांग्रेस का अनुभव जनता का मोह भंग कर मोदी के नेता के विपरीत मतदान कर अपने नेता का चुनाव करती है। इन दोनों के अलावा आप पार्टी के नेता पंकज गुप्ता को जनता का कितना समर्थन मिलता है यह देखने वाली बात होगी।

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