पीएम मोदी को एक और मामले में आयोग ने दी क्लीन चिट

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नई दिल्ली ||  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गुजरात के पाटन में चुनाव प्रचार के समय नियमों का उल्लंघन करने वाला बयान देने मामले में चुनाव आयोग ने क्लीन चिट देते हुए इस बारे में की गयी शिकायत को खारिज कर दिया है। आयोग के सूत्रों के अनुसार आयोग ने गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस द्वारा की गई शिकायत को गलत करार दिया है। इसे मिलाकर आयोग की तरफ से मोदी को छह बार क्लीन चिट दी जा चुकी है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि क्या 21 अप्रैल को पाटन में दिये भाषण को लेकर आयोग में सर्वसम्मति थी। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोदी के खिलाफ 21 अप्रैल को पाटन में चुनाव प्रचार के दौरान सेना का जिक्र करने वाला बयान देकर चुनाव आयोग के परामर्श और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने की शिकायत की गयी थी। इस मामले में गुजरात के सीईओ से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गयी थी। सीईओ की रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने इस मामले में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुडे़ विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जांच के आधार पर शिकायत को सही नहीं पाया। सूत्रों के अनुसार सीईओ की रिपोर्ट में मोदी के भाषण से आदर्श आचार संहिता अथवा आयोग के दिशानिर्देशों और परामर्श का उल्लंघन होने की पुष्टि नहीं हुयी है।

सूत्रों के अनुसार, एक चुनाव आयुक्त ने एक अप्रैल को वर्धा के भाषण को लेकर प्रधानमंत्री को क्लीन चिट के आयोग के फैसले पर असहमति जताई थी। इस भाषण में मोदी ने कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी पर अल्पसंख्यक बहुल वायानाड सीट से चुनाव लड़ने को लेकर निशाना साधा था और उन्होंने नौ अप्रैल को लातूर में पहली बार वोट करने जा रहे युवाओं से बालाकोट हवाई हमले तथा पुलवामा शहीदों के नाम पर वोट की अपील की थी। इन आयुक्त ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को उनके नागपुर में दिये भाषण के मामले में क्लीन चिट देने पर भी असहमति प्रकट की थी। इस भाषण में शाह ने कथित तौर पर कहा था कि केरल की वायनाड सीट में अल्पसंख्यक, बहुसंख्यक हैं। उल्लेखनीय है कि आयोग इससे पहले मोदी के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन की पांच अन्य शिकायतों को गलत बताते हुये उन्हें (मोदी को) क्लीन चिट दे चुका है। इनमें महाराष्ट्र के लातूर और वर्धा में मोदी के भाषणों में सेना के शौर्य का जिक्र करके चुनावी लाभ हासिल करने की शिकायत की गयी थी।

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