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National Thoughts
"A lot of variations make Indian cinema more prosperous"
Entertainment and Cinema

“ढ़ेर सारी विभिन्नताएं भारतीय सिनेमा को अधिक समृद्ध बनाती है”

मुंबई || भारत में बनने वाली फिल्मों की एक अलग ही छटा है। जहाँ आज देश में फिल्म इंडस्ट्री का दायरा बढ़ा है वहीं आज फिल्मों ने भाषाई दूरी को पाटने का भी बखूबी काम किया है। हिंदी और अन्य भाषा में बनी फिल्मों को आज देश के साथ-साथ विदेशों में भी रिलीज किया जाता है जिसकी सराहना भारत के अलावा अन्य देश भी कायल है। टोरंटो अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव (टीआईएफएफ) के कला निदेशक कैमरन बेली ने भारतीय सिनेमा पर अपनी राय रखते हुए कहा कि आज भारतीय सिनेमा का दायरा निश्चित तौर पर बॉलीवुड से कहीं अधिक है। यहाँ बहुत सी विभिन्नताएं है। ये भिन्नताएँ भाषाएं, शैलियां एवं क्षेत्रीय परिवेश है जो इसे और अधिक समृद्ध करते हैं।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की मेजबानी में टोरंटो अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव में ‘इंडिया ब्रेकफास्‍ट नेटवर्किंग सेशन’ का आयोजन किया गया था।  भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत में फिल्‍म निर्माण से जुड़ी अनुकूल नीतिगत पहलों एवं रूपरेखा के साथ-साथ शूटिंग के लिए मंजूरी प्राप्‍त करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया।  सभी ने भारत के साथ कारोबार करने में रुचि दिखाई। इस दौरान कनाडा सरकार को फिल्‍मों के सह-निर्माण को बढ़ावा देने के लिए फिल्‍म निर्माताओं के बीच सामंजस्‍य सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा की गई विभिन्‍न पहलों से अवगत कराया गया।

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