fbpx
National Thoughts
Motivational

हर मौका हमें ख़ुशी से स्वीकार करना चाहिए

नदी किनारे दो लोग बैठे मछली पकड़ रहे थे।

दोनों मछुआरों ने नदी में अपना काँटा फेंका और मछली के फंसने का इंतज़ार करने लगे।

दोनों ने एक दुसरे को देखा और फिर से नदी की तरफ आँखें पसारे मछली फंसने का इंतज़ार करने लगे।

पहले व्यक्ति के कांटे में एक बहुत बड़ी और सुन्दर मछली फंस गयी।

उसने अपने पास रखे एक बड़े से डिब्बे में उस बड़ी मछली को रखा और फिर से एक काँटा नदी में फेंका।

इतने में उसके कांटे में कई छोटी छोटी मछलियां भी फंस गयी, वो खुश था।

जबकि दुसरे व्यक्ति के कांटे में एक भी मछली नहीं फंसी।

इसलिए पहले व्यक्ति ने मदद  की पेशकश की लेकिन दुसरे मछुआरे ने साफ़ मना कर दिया।

कुछ ही देर में दुसरे मछुआरे के कांटे में भी एक बड़ी सी मछली फंस गई। 

उसने बड़ी मछली को देखा और फिर से नदी में फेंक दिया। 

ऐसा ही उसने दूसरी और तीसरी बड़ी मछलियों के साथ भी किया।

 ये सब देख कर पहले मछुआरे से रहा नहीं गया। 

उसने उस दुसरे मछुआरे से पुछा “तुम्हारे कांटे में कई बड़ी और सुन्दर मछलियां फंसी थी लेकिन तुमने वो सभी नदी में फेंक दी, ऐसा क्यों?”

दूसरे मछुआरे ने जवाब दिया “वो सभी मछलियां बहुत बड़ी थी, मेरे पास उन्हें पकाने के लिए कोई बड़ा बर्तन नहीं है।

इसलिए मैंने उन्हें नदी में फेंक दिया। मैं कोई छोटी मछली की तलाश में हूँ जो मेरे बर्तन में आसानी से आ जाए और जिसे मैं आसानी से पका सकू।”

पहला मछुआरा सुनकर यह सुनकर हँसने लगा।

उसने कहा अगर तुम्हारे पास बड़ा बर्तन नहीं है तो उस बड़ी मछली को काट कर तुम छोटे मर्तबान में पका सकते हो”

छोटी मछली की चाह में बड़ी मछली क्यों गंवा रहे हो।

दोस्तों ऐसा ही कुछ हम सब अपनी ज़िदंगी में भी करते है।

एक लक्ष्य हासिल करने की ज़िद्द में हम अपनी राह में आए बड़े मौके और अवसर नज़रअंदाज़ कर देते है।

ज़िन्दगी में मिला हर मौका हमें ख़ुशी से स्वीकार करना चाहिए।

फिर चाहे वह खुशी छोटी से छोटी ही क्यों न हो।

Related posts

Leave a Comment