fbpx
National Thoughts
Breaking News National

अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने से समाज जाति रहित बनेगा : कुमारी शैलजा

नई दिल्ली || पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सदस्य कुमारी शैलजा ने राज्यसभा में अंतरजातीय विवाह को लेकर हुई हिंसा की कुछ हालिया घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह की हिंसा पर रोक लगाने के लिए हमें एकजुट हो कर दृढ़ता से आवाज उठानी होगी तब ही जाति रहित समाज बन सकेगा। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कुमारी शैलजा ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 82 साल पहले अपनी पौत्री मनु गांधी के अंतरजातीय विवाह की सराहना की थी। संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर ने जाति रहित समाज की कल्पना की थी। शैलजा ने कहा ‘‘लेकिन जाति रहित समाज तब ही बन पाएगा जब अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा मिलेगा। पिछले कुछ समय से अंतरजातीय विवाह को लेकर हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। संपन्न वर्ग में अगर अंतरजातीय विवाह हो तो इसकी सराहना होती है अन्यथा हिंसा की घटनाएं होती हैं। ’’ उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक विधायक की बेटी के एक दलित युवक से विवाह की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि कई राज्यों में अंतरजातीय विवाह का विरोध और हिंसा के मामले सामने आए हैं।

शैलजा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 2018 में अंतरजातीय विवाह करने वालों के लिए संरक्षण गृहों की व्यवस्था दी थी ‘‘लेकिन सवाल यह उठता है कि कितने संरक्षण गृह बनाए जाएंगे और इनमें कितने लोग संरक्षण लेंगे ?’’उन्होंने कहा कि हरियाणा में 2006 में अंतरजातीय विवाह करने वाले छह दंपतियों ने संरक्षण गृहों में शरण ली जबकि 2014 में 456 लोगों ने शरण ली। शैलजा ने कहा कि आजादी के इतने साल के बाद भी अंतरजातीय विवाह को लेकर होने वाली हिंसा की घटनाएं पीड़ादायी हैं।

उन्होंने सरकार से इस समस्या का हल निकालने का अनुरोध करते हुए कहा कि ऐसी हिंसा पर रोक के लिए एकजुट हो कर आवाज उठानी होगी। शून्यकाल में ही तृणमूल कांग्रेस के अबीर रंजन बिस्वास ने पश्चिम बंगाल की हुगली नदी में एकत्र गाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि करीब आधा राज्य इस समस्या से प्रभावित है और लाखों लोगों की आजीविका पर इसका असर पड़ रहा है। बिस्वास ने कहा ‘‘फरक्का में तापीय बिजली संयंत्र है और इसका अपशिष्ट हुगली के तटीय हिस्से में डाला जाता है। यह भी पानी में मिलता है। कई जहाज हुगली से गुजरते हैं और गाद की वजह से उनकी आवाजाही पर असर पड़ता है। ’’ उन्होंने हुगली की गाद निकालने का अनुरोध करते हुए कहा कि ऐसा करने से न केवल जहाजों की आवाजाही सुगम होगी बल्कि लोगों की परेशानी भी दूर होगी।

Related posts

Leave a Comment