fbpx
National Thoughts
Motivational

दुखों का बोझ एक मिनट तक उठाए या जिंदगी भर  

किसी गांव में एक ऋषि रहते थे। ऋषि पूरे गांव में लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रख्यात थे। एक दिन एक व्यक्ति ऋषि के पास आया।  ऋषि से बड़े चिंतित और हताश होकर पूछा गुरुदेव मैं यह जानना चाहता हुईं कि हमेशा खुश रहने का राज़ क्या है। ऋषि ने उससे कहा कि तुम मेरे साथ जंगल में चलो मैं तुम्हे खुश रहने का राज़ बताता हूँ। इसके बाद वह व्यक्ति और ऋषि दोनों जंगल की ओर चल पड़े, रास्ते में ऋषि ने एक बड़ा सा पत्थर उठाया और उस व्यक्ति को कह दिया कि इसे पकड़ो और चलो। उस व्यक्ति ने पत्थर को उठाया और वह ऋषि के साथ साथ जंगल की तरफ चलने लगा।

कुछ समय बाद उस व्यक्ति के हाथ में दर्द होने लगा लेकिन वह चुप रहा और चलता रहा लेकिन जब चलते हुए बहुत समय बीत गया और उस व्यक्ति से दर्द सहा नहीं गया तो उसने ऋषि से कहा कि उसे दर्द हो रहा है तो ऋषि ने कहा कि इस पत्थर को नीचे रख दो, पत्थर को नीचे रखने पर उस व्यक्ति को बड़ी राहत महसूस हुई। इस पर ऋषि ने कहा जिस तरह इस पत्थर को एक मिनट तक हाथ में रखने पर थोडा सा दर्द होता है और अगर इसे एक घंटे तक हाथ में रखें तो थोडा ज्यादा दर्द होता है।  उसी तरह दुखों के बोझ को जितने ज्यादा समय तक उठाये रखेंगे उतने ही ज्यादा हम दु:खी और निराश रहेंगे।  यह हम पर निर्भर करता है कि हम दुखों के बोझ को एक मिनट तक उठाये रखते है या उसे जिंदगी भर।

Related posts

Leave a Comment