Hindi News, हिंदी समाचार, Samachar, Breaking News, Latest Khabar
Charo Dham at the feet of "Maa" - Voice and song: Harendra Prasad Yadav "Fakir"
Breaking News Entertainment and Cinema National

“माँ” के चरणों में चारो धाम – स्वर एवं गीत : हरेन्द्र प्रसाद यादव “फकीर”

सम्मानित मंच आदरणीय गुरूदेव तथा सभी श्रोताओं को फ़कीर का प्रणाम, माँ शारदे को नमन। मित्रों आज मैं आपके सामक्ष एक गीत प्रस्तुत करनेवाला हूँ जिसका केंद्र बिन्दु है (माँ) एक ऐसा शब्द जो मात्र एक अक्षर का है। परन्तु इस महान किरदार पर न जानें कितने काव्य और गीत लिखे जा चुके हैं और निरंतर लिखे जा रहे हैं। जिससे बड़ा कोई और किरदार हो ही नहीं सकता। जिसकी कल्पना मात्र से ही मन हर्षित हो जाता है।
तो आइए आप सभी को आपकी अपनी माँ से मिलवाने का प्रयत्न करता हूँ इस गीत के माध्यम से। अगर आपको लगे कि गीत ने आपके मन को छुआ है तो आशीर्वाद चाहुंगा।
सुनिएगा–////

माँ की ममता कितनी प्यारी,
कितनी न्यारी होती है।
तेरे ही चरणों में माता,
दुनियां सारी होती है।।

माँ कि ममता—–

तेरे कारण ही मिलता है,
जग में आने का अवसर।
नाम से तेरे ही है मिलता,
बंदे को बंदा परवर।।

दुनियां की हर बाधा कटती,
दूर बिमारी होती है।
तेरे ही चरणों में माता,
दुनियां सारी होती है।।

माँ कि ममता—–

चिंता मेरी हर पल तुझको,
कितना ध्यान मेरा रखती।
करती प्यार दुलार मुझे तू,
कितना मान मेरा रखती।।

जब तक मुझको नींद न आती,
माँ तब तक नहीं सोती है।।
तेरे ही चरणों में माता,
दुनियां सारी होती है।।

माँ कि ममता—–

तेरा हर इक दर्द हो मेरा,
ऐसा पूत सपूत बनूँ।
श्रवण जैसा कर्म हो मेरा,
तेरा ऐसा पूत बनूँ।।

मै भी ढोऊँ तूझको ऐसे,
जैसे मुझको ढोती है।
तेरे ही चरणों में माता,
दुनियां सारी होती है।।

माँ कि ममता—–

कवि गीतकार : हरेन्द्र प्रसाद यादव “फ़कीर”

Related posts