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Claim to completely stop Corona epidemic- Manoj Kumar Dave
Breaking News Interview

कोरोना महामारी को पूर्ण रूप से रोकने का दावा- मनोज कुमार दवे

कोरोना काल में एक ज्योतिष आचार्य ने दावा किया हैं | कि वो दिनों दिन तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना महामारी को पूर्ण रूप से भारत नहीं अपितु सारे संसार से समाप्त कर सकते हैं | इसके लिए उन्हें और उनकी टीम को केंद्र सरकार और राज्य सरकार से सहयोग कि जरूरत हैं | अगर उन्हें सरकार से सहयोग मिलता हैं तो वे कोरोना को समाप्त करने में जरूर कामयाब हो सकते हैं और जब हमे इस दावे का पता चला तो हमने उनका इंटरव्यू लेने कि सोची और जानने कि कोशिश करी कि दावे में कितनी सच्चाई हैं | आप भी जाने उनके दावे के बारे में,

नीचे इंटरव्यू का सारांश:

रिपोर्टर: सर्वप्रथम तो आप अपना परिचय दें ?
ज्योतिष आचार्य: मेरा नाम मनोजकुमार दवे अहमदाबाद गुजरात, मैं ज्योतिष आचार्य हूॅ सन् 2000 से ज्योतिष मैने सीखना प्रारम्भ किया और 2003 से, मैं इस प्रोफेसन में आया। कहा जायेगा कि ज्योतिष में बहुत सारे फील्ड हैं जैसे कि पामीष्ट है, वास्तु शास्त्र है, कर्म काण्ड इत्‍यादी है।

डे बाई डे ईश्वर की दया से मुझे सफलता मिलना प्रारम्भ हुई। 2005 में मेरे एक मित्र ने मुझे बताया कि रेकी करके एक ऐसी ऊर्जा है जिससे आप सभी पाॅजिटिव कर्म कर सकते हैं। ये रेकी जापान की देन है अहमदाबाद गुजरात में श्री पी ऐ पटेल जी जापान से रेकी सीख करके आये थे और उनसे मैंने रेकी सीखना प्रारम्भ किया। इसका प़थम डीग्री समाप्त होते ही, मुझे बहुत लाभ दिखाई दिया। इसी रेकी प्रथा से बिना दवा के आप किसी का भी उपचार कर सकते हैं। जैसे कि किसी को सर दर्द हो रहा है तो उसको कोई दवा लेनी पडती है परन्तु इस विद्या में आपको किसी को दवा देने की जगह, आप सामने वाले का दर्द रेकी विद्या से उपचार कर सकते हो। इस ऊर्जा का सबसे बडा काम ये है ये कभी नकारात्मक काम नहीं करती है इसका अर्थ है कि कभी गलत काम के लिये ये इस्तेमाल नहीं की जा सकती है यदि आप नकारात्मक कार्य के लिये उस ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं तो ये ऊर्जा आपको छोड़कर चली जायेगी। फिर मैं रेकी को प्रारम्भ करके मास्टर डिग्री तक किया। साथ ही प्राणिक रेकी को भी सीखा। प्राणिक रेकी में वनस्पति, मानव शरीर के सात चक्रों का वर्णन आता है।

रिपोर्टर: इस महामारी के लिये, क्या आपके पास कोई सुझाव है ?
ज्योतिष आचार्य: इस कोरोना महामारी को समाप्‍त करने के लिये जो मेरेे पास जो कार्य करने की योजना है उसे समझना होगा। प्राणिक हिलिंग तथा रेकी को पूर्ण रूप से समझने के बाद, मेरे समझ में ये आया कि यदि दोनों को आपस में मिला दिया जाये तो इस महामारी को भी समाप्‍त किया जा सकता है इस पर शोध करके मैनें इसे नया नाम दिया है ‘‘एनर्जी ऑफ ब्रह्माण्ड’’। जैसे सभी ने सुना होगा कि हमारे ऋषि-मुनि तप करते थे तो उनको ये ऊर्जा ब्रह्माण्ड से प्राप्त हो जाती थी। इसके लिये तो सर्वप्रथम हमें सात्विक बनना पडे़गा। सात्विक बनने के बाद ही, इस ऊर्जा को प्राप्त किया जा सकता है जो नकारात्मक सोचते हैं या जिनका रहन-सहन, उठना-बैठना या खाना-पीना सात्विक नहीं है और जो दूसरे की बुराई करता रहता है उनको ये ऊर्जा कभी प्राप्त नहीं हो सकती है। ये बिल्कुल वैसी ही व्यवस्था है जैसे कि एक व्यापारी अपना पूरा समय, सारे विचारों सहित अपने व्यापार की ओर ध्यान रखता है वैसे ही इस पर लगातार अपने मन को शान्त रखकर ही कार्य किया जा सकता है। इस बारे में पता चलते ही मैंने अपने जीवन का हर पहलू बदला और सारा ध्यान अपने स्वाध्याय और तप पर लगा दिया फिर धीरे-धीरे मेरे अन्दर परिवर्तन आता गया और अपनी कुण्डली को जाग्रत कर, मैनें ईश्वर की कृपा से इस विद्या को प्राप्त कर सका। जहाॅ पर मेरा निवास स्थान है अहमदाबाद के गुजरात में, वहाॅ पर पानी भर जाता था और बरसात के दिनों में तो एक सप्ताह तक पानी निकलता ही नहीं था और सभी जानते हैं कि जहाॅ पर पानी भरा रहेगा वहाॅ पर मच्छर होगें और मच्छर के कारण लोग बीमार भी रहेगें।

तो 2007 में मैनें अपने गुरू से ये जानकारी ली कि यहाॅ पर बारिश बहुत होती है तो क्या रेकी के माध्यम से उसका उपाय किया जा सकता है? तो उन्होंने जवाब दिया कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते हैं। तो मैनें कहा कि ठीक है प्रकृति के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगें लेकिन इतनी बारिश के बाद यहाॅ पर बहुत से गरीब आदमी हैं जो प्रतिदिन कमाते खाते हैं और इस कारण से बीमार रहते हैं तब मेरी पत्नी ने कहा कि बारिश को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जा सकता है। इसके बाद मेरी पत्नी के सहयोग से मैने 2006 से 2008 तक के बीच में ये कार्य किया और ईश्वर के आशीर्वाद से बहुत बड़ी सफलता भी मिली। आज अगर गुजरात का क्षेत्र कच्छ को देखा जाये तो जितनी बारिश 2006 तक होती थी आज उससे ज्यादा बारिश होती है। कच्छ के रण का क्षेत्र कहा जाता है आज उस क्षेत्र पर बारिश परिवर्तित होकर होती है। अब इससे यही सफलता मिली कि जहाॅ पर बारिश ज्यादा होती थी वहाॅ पर परिवर्तित कराके कम बारिश वाले क्षेत्र में होने लगी।

ऐसे ही अमेरिका के अन्दर एक मेरा यजमान हैं उनका मेरे पास फोन आया कि कल मेरी मोटल (होटल) बैंक वाले ले जायेगें क्योंकि मैं उनका पैसा नहीं दे पाया हूॅ? मैनें उनसे कहा कि कोई बात नहीं मैं उस मोटल (होटल) को अगले तीन माह तक चलाऊगाॅ। उन्होंने कहा ऐसा नहीं हो सकता है वो कल नहीं मानेगें। फिर दूसरे दिन फोन आया कि बैंक वाले कह गये हैं कि मैं तीन माह का समय देता हूॅ इसके बाद आपसे पता करूॅगा कि आप पैसा कैसे चुकाओगे? तब मैनें उनसे कहा कि मैं आपका मोटल (होटल) चलाऊगाॅ। ये भी सब कुछ मैनें रेकी के माध्यम, “एनर्जी ऑफ ब्रह्माण्ड” के माध्यम से बैठे बैठे चलाया।

ऐसे ही जापान में सुनामी के समय पर भी काम किया था क्योंकि सुनामी तो हर एक व्यक्ति को मारते हुए चलती है। सुनामी आने केे बाद लगातार टीवी पर दिखा रहे थे कि इसका असर और भी देशों में जायेगा, तब मैनें अपने एक मित्र को फोन करके कहा कि मैंं इसका असर और देशों मेें नहीं जाने दूगॉ। 20 देशो मेें आने वाली सुनामी का असर सिर्फ एक देश में ही नजर आया कैलिफोनिया मेंं, वो भी ना के बराबर। ईश्‍वर की कृपा से सफलता यहॉ भी मिली। इसके बाद जापान में जब एक रिक्टर फटा तब भी मैने उसे अपने मित्र को फोन किया और कहा कि अब शेष 3 रिक्‍टर नहीं फटने दूूगॉ। ईश्वर के आशीर्वाद से वहाॅ भी सफलता मिली। तब टीवी-9 के माध्यम से मेरा इंटरव्यू दिखाया गया कि किस तरह से ये कार्य करता हूॅ?

सभी जानते हैं कि अन्ना हज़ारे साहब ने दिल्ली में पब्लिक के लिये अनशन किया था। अन्ना साहब का पब्लिक से इतना लगाव है कि इस उम्र में, भूखे प्यासे बैठ गये। गुजरात के अब्बा जी टैम्पल है, चुनड़ी वाले बाबा जी हैं जो अन्न और जल के बिना काफी सालों तक रहे। इनका देहान्त अभी जल्दी ही हुआ है। इसी को सोचकर मुझे लगा कि अन्ना साहब के लिये इसका प्रयोग करने के लिये सोचा तब मैनें यही सोचकर अन्ना जी के लिये इसी ऊर्जा के माध्यम से अन्ना जी यदि एक वर्ष तक भी बैठे रहें तो उनकी शक्ति कम नहीं होगी। जब अन्ना जी का अनशन समाप्त हुआ तब तक भी डाॅक्टर ने कहा कि अन्ना जी का शरीर बिल्कुल स्वस्थ है। ये इसी ऊर्जा का प्रभाव है कि सब कुछ ठीक गुजरा।

ये उस समय का tv9 का इंटरव्यू कि क्लिपिंग हैं

तो यही कहा जा सकता है कि कि हमारे ऋषि-मुनि थे वो सब इसी ब्रह्माण्ड की ऊर्जा से, बड़ी बड़ी शक्तियों को प्राप्त करते थे। और इसी कारण से उन्हें मंत्र दृष्टिा कहा गया है। इस कोरोना पर ईश्वर की कृपा से, सफलता निश्चित तौर पर पायेगें।

रिपोर्टर: आप अपनी योजना को कैसे प्रारूप देेगें ?
ज्योतिष आचार्य: इसके लिये जो माॅडल तैयार किया है उसमें लगभग 1 माह जायेगा। जब प्रारम्भ था तब तो उसे तीन दिन में रूका जा सकता था परन्तु अब इनता समय तो लगना ही चाहिए और प्रारम्भ में तो मैं अकेला ही कार्य करूगा परन्तु धीरे-धीरे अपने कुछ साथियों को अपने साथ लेना होगा। इसके लिये मुझे सरकार से मदद चाहिए क्योंकि इतनी बड़ी रकम अब हम लोगों के बस की नहीं है जो पूरी की जा सके और साथ में जो साथी लगे होगें उन्हें कुछ न कुछ तो देना भी पड़ेगा क्योंकि पिछले तीन माह से सब लाॅकडाउन पड़ा हुआ है तो फिर कोई भी फ्री में काम नहीं करना चाहेगा। इसके लिये जो कुल खर्चा है वो है 125 करोड़ रूपये का। इस कर्म को करने के पश्चात् सिर्फ हमें ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक को भी सफलता मिलेगी। उन्हें भी अच्छी-अच्छी औषधि खोजने का अवसर प्राप्त होगा और ऐसा अवसर प्राप्त होगा जो कभी भविष्य में ये कोरोना लौटकर न आये। ये कार्य अपने सात चक्रों के माध्यम से किया जा सकता है इसका उदाहरण अगर समझे तो एक टीवी पर एक सीरियल आता है शक्तिमान। उस शक्तिमान ने, अपने सातों चक्रों को जाग्रत कर रखा है जिससे वो कुछ भी कर सकता है। ऐसा वास्तव में मनुष्य कर सकता है बस उसे अपने जीवन में, अपने चक्रों को जाग्रत करके ‘‘एनर्जी ऑफ ब्रह्माण्ड” को जगाना होगा। इस कुण्डलीन के जाग्रण से, आप जन समुह को लाभ करा सकते हो।

रिपोर्टर: आप पाठको को कोराना को बचाने का क्या संदेश देना चाहते हैं ?
ज्योतिष आचार्य: स्रोतागण से सही कहना चाहता हॅू कि कोरोना से डरने की आवश्यकता नहीं है कोरोना को डराने की आवश्यकता है। इसके लिये जो उपाय सरकार बता रही है कि मास्क लगाकर रहे, सैनेटाइजर का प्रयोग करें या दस्ताने पहनकर रहें साथ में दो गज की दूरी बनाकर रहें। मैं भी जब बाजार में जाऊॅगा तो इस नियमों को अवश्य ही अपनाऊॅगा जबकि मैं स्वयं रेकी जानता हूॅ, मास्टर हॅू इसके बाद में मैं ‘‘एनर्जी ऑफ ब्रह्माण्ड’’ को समझने का अवसर भी प्राप्त कर चुका हूॅ क्योंकि बिना शस्त्र का युद्ध और बिना औषधि का उपचार सम्भाव है। इसी कारण से मैं हॅू या आप हो। अपने को सुरक्षित रखने के लिये, आप किसी भी जाति हो, अपने शरीर को सुबह पाॅच मिनट, सूर्य के सामने खडे़ होकर, ‘‘एनर्जी ऑफ ब्रह्माण्ड’’ की प्राप्ति अवश्य करायें।

प्रातः 6.30 से 7.30 के बीच सूर्य के सामने रहने पर पूरा दिन अच्छा जाता है और यदि साल भर ऐसा करते रहेगें तो बहुत सारे रोग जो आने वाले हैं वो समाप्त हो जायेगें। सूर्य की शक्ति को सभी जानते हैं और हिन्दु हो, मुस्लिम हो या ईसाइ हो या फिर को भी पंथ का हो, किसी भी सम्प्रदाय का हो। सूर्य कभी किसी के साथ मतभेद नहीं करता है अतः प्रातः सिर्फ पाॅच मिनट खड़े उगते सूर्य के सामने खड़े होकर, प्रार्थना करें कि मेरा घर परिवार, पूरे समाज, मेरे भारत को और फिर पूरे विश्व को स्वस्थ रखो। बस इस प्राप्त एनर्जी से आप स्वयं सम्पूर्ण समाज को स्वस्थ बना सकते हैं।

ज्योतिष आचार्य : मनोज कुमार दवे
फ़ोन : 9825775440 , 7016000718
अहमदबाद, गुजरात

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