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The government's decision will increase the migration of migrant laborers
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Coronavirus Lockdown : अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की चुनौती

लाक डाउन के दौरान रोजी-रोटी की चिंता

 

वाणिज्य मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से लाक डाउन के बीच उद्योग और सेवा क्षेत्र को छूट देने का
अनुरोध किया।कोरोना वायरस से निपटने के लिए लागू किए गए देशव्यापी लाक डाउन के कारण
देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। इतना ही नहीं लाक डाउन की वजह से
लाखों लोग बेरोजगारी का शिकार हुए हैं। इतना ही नहीं इससे लोगों को रोज़मर्रा की जरूरत
का सामान भी नहीं मिल पा रहा। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए खुदरा व्यापारियों ने
जरूरी सामान की कीमतों में लगभग तीस से चालीस फीसदी तक का इजाफा कर दिया है।
कोई दूसरा रास्ता सामने न होने की वजह से लोग अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए मजबूरी
में मंहगे दामों पर भी सामान खरीद रहे हैं।

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कोरोना से निपटने के साथ ही सरकार के सामने लोगों की रोजी-रोटी की समस्या दूर करने के
साथ ही पहले से ही सुस्त रफ्तार से चल रही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की चुनौती भी पैदा
हो गई है। सरकार को यह समझ ही नहीं आ रहा है कि वह इस समस्या से किस तरह से निपटे।
जिससे कोरोना वायरस के संकमण को फैलने से रोकने के साथ ही लोगों की जिंदगी भी आसानी से
चलती रहे। सरकार की उलझनों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कोरोना वायरस से
निपटने के लिए लागू लाक डाउन की अवधि बढ़ाने के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी राज्य
और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करने के 48 घंटे
के बाद भी सरकार की ओर से इसके संबंध में कोई घोषणा नहीं की जा सकी है।

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प्रधानमंत्री मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ ही हुई बातचीत के बाद से ही मीडिया में सूत्रों के हवाले से यह खबर
चलनी शुरू हो गई थी कि ज्यादातर मुख्यमंत्री लाक डाउन की अवधि बढ़ाने के पक्ष में हैं। उनकी मांग को देखते
हुए प्रधानमंत्री लाक डाउन दो और हफ्ते तक बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। लेकिन 48 घंटे के बाद भी वह घोषणा
नहीं हुई।भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक सरकार लाक डाउन जारी रखने के साथ ही आम आदमी को राहत देने के उपाय
खोजने में माथापच्ची कर रही है। वैसे भी यह काम इतना आसान नहीं है। जितना लग रहा है।

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इसी बीच केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और लोगों की
रोजी-रोटी कमाने की समस्या को दूर करने के लिए लाक डाउन के दौरान कुछ छूट देने का अनुरोध किया है।
वाणिज्य मंत्रालय ने लाक डाउन के दौरान सीमित संख्या में रेल व बस सेवा शुरू करने के साथ ही आवश्यक
सामान एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए यातायात की व्यवस्था चालू करने का अनुरोध किया है।
इसके साथ ही उसने टैक्सटाइल, आटोमोबाइल सेक्टर सहित बड़ी कंपनियों में सोशल डिस्टेटिंग बनाए रख
कर उत्पादन शुरू करने की अनुमति देने की सिफारिश की है। उसने सेवा क्षेत्र और रेहड़ी पटरी वालों को फल
सब्जी व अन्य सामान बेचने की अनुमति देने और

खोमचा लगा कर खाने-पीने की चीजें बेचने वालों को लाक डाउन से छूट देने को कहा है।
देखना यह है कि सरकार लाक डाउन की अवधि कितने और दिन तक बढ़ाने का फैसला
लेती है, और वाणिज्य मंत्रालय की सिफारिशों पर कितना अमल करती है।

आलोक गौड़

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