दिल का दौरा एक बड़ी घटना है" />
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दिल के दौरे के बाद आहार और व्यायाम युक्तियाँ

दिल का दौरा एक बड़ी घटना है। यह आपको सोचने के लिए मजबूर करता है कि ऐसा क्यों हुआ? साथ ही आप सोच रहे होंगे कि क्या यह आगे फिर से तो नहीं होगा, या इससे भी महत्वपूर्ण बात, क्या मैं इससे मर सकता हूं? अतः इस समय यह महसूस करना महत्वपूर्ण है कि दिल की बीमारी एक प्रगतिशील बीमारी है और सभी आधुनिक चिकित्सा इसकी प्रगति को कम तो कर सकते हैं लेकिन इसे रोक नहीं सकते।

तो प्रमुख सवाल यह है कि क्या मैं इसके बारे में कुछ कर सकता हूं? वास्तविकता यह है कि कोरोनरी हृदय रोग की प्रगति को मंद करने के लिए दो आवश्यक और महत्वपूर्ण कदम हैं। नंबर एक सभी निर्धारित दवाओं को समय पर लेना है। दिल के दौरे  के बाद, दवाओं के एक समूह; खून के थक्के को कम करने, चर्बी  कम करने और रक्तचाप या मधुमेह (यदि मौजूद है) को नियंत्रित करने के उद्देश्य से दिया जाता है क्योंकि ये सभी रोग की पुनरावृत्ति के लिए योगदान कर्ता हैं। अधिकांश रोगी दवाओं के उपयोग के पीछे तर्क को समझते हैं और इसलिए इसका पालन करने के लिए बहुत सावधान हैं।

रोग की घटना को कम करने के लिए दूसरी महत्वपूर्ण विधि जीवन शैली प्रबंधन है। इस तौर-तरीके से पुनरावृत्ति की संभावना कम किया जा सकता है क्योंकि यह रोग के मूल कारण को प्रभावित करता है। दुर्भाग्य से अधिकांश रोगी जीवन शैली की सिफारिशों का उचित रूप से पालन नहीं करते हैं;                                                                                            1. वे इसके महत्व को नहीं समझते हैं।                                                                                                       2. भले ही वे उस महत्व को समझते हों, लेकिन वे नहीं जानते कि क्या करना सही है? दूसरे शब्दों में, इस बारे में बहुत भ्रम है कि वास्तव में क्या-क्या कदम उठाने हैं।

नीचे दिल के दौरे  के बाद जीवन-शैली प्रबंधन के कुछ आवश्यक घटक और सुझाव दिए गए हैं।

व्यायाम की विधि

दिल के दौरे के बाद व्यायाम न करने के बारे में कुछ अफवाह  हैं परंतु वास्तविकता यह है कि प्रतिदिन सक्रिय रहना स्वस्थ दिल के लिए महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से दिल का दौरा पड़ने के बाद एक नियमित गति विधि कार्यक्रम शुरू करना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भविष्य में दिल की समस्याओं को कम करने में मदद करता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार व्यायाम करने वाले मरीज़ों में बेहतर परिणाम प्राप्त मिलता है। व्यायाम की तीव्रता हृदय की मांसपेशियों के नुकसान पर निर्भर है।

दैनिक गति विधि कार्यक्रम शुरू करने के लिए यहां कुछ सामान्य दिशा निर्देश दिए गए हैं:

  1. उपचारकरने वाले चिकित्सक की सिफारिशों के अनुसार ही व्यायाम करें।
  2. दिल के दौरे के बाद कम से कम 1-2 दिन आराम करें। कुछ दिनों के बाद अत्यल्प व्यायाम शुरू करें; वर्तमान में सैर  करना सबसे अच्छा व्यायाम है।  आम तौर पर कुछ जीवन शैली गति विधि या सामान्य दिनचर्या के किसी हिस्से को फिर से शुरू करना चाहिये, जैसे कि; बगीचे में बैठना, पास के मंदिर में जाना आदि। कुछ सरल उपाय हैं: धीरे-धीरे सीढ़ियों को चढ़ना या पार्किंग के पास ही चहलक़दमी करना, किराने का सामान लेने के लिए पैदल चलना, या अन्य समान अभ्यास करना। पहली बार लगभग 5-10 मिनट तक मध्यम गति से चलें और दिन- प्रतिदिन अपनी चलने की गति को 1-2 मिनट तक बढ़ाएं जब तक कि गति विधि मध्यम न हो जाए। उद्देश्य है धीरे-धीरे हृदय गति को बढ़ाना और फिर गति विधि स्तर का निर्माण करना। प्रत्येक बीतते दिन के साथ और अधिक कदम उठाए जा सकते हैं, या पैदल-दूरी बढ़ाई जा सकती है ताकि गति विधि का स्तर थोड़ा बढ़ सके।
  3. धीमीगतिसे टहलना, साइकिल चलाना, तैराकी, लंबी पैदल यात्रा या हल्के नृत्य का विकल्प भी चुन सकते हैं।
  4. शुरुआतीदिनों के दौरान दिनप्रतिदिन (दिल के दौरे से पहलेकी  गतिविधियों को फिर से शुरू करें, लेकिन भारी परिश्रम से बचें; भारी किराने का सामान या बच्चे को गोद में लेकर जाना, सफाई, बाग़वानी करने पर पाबंदी है क्योंकि इससे हृदय गति बढ़ सकती है।
  5. अंततउद्देश्य30 मिनट की पैदल दूरी प्रतिदिन या 150 मिनट / सप्ताह के बराबर व्यायाम स्तर प्राप्त करना है।
  6. आइसोटोनिकव्यायाम (पैदल चलना, टहलना, तैरना आदि) के अलावा कुछ स्ट्रेचिंग व्यायाम भी किया जा सकता है लेकिन वजन वहन करने वाले व्यायाम नहीं करना चाहिये।
  7. योगएक अच्छा स्ट्रेचिंग व्यायाम है। यह 1-2 बार / सप्ताह, 45-60 मिनट के सत्र के लिए किया जा सकता है। अधिकांश योग आसनों का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन उन आसनों से बचें जहां वजन वहन या पेट के बल लेटना पड़ता है (पीठ के बल लेटना, बैठना, खड़े होना स्वीकार्य है)। योग एक प्रभावशाली व्यायाम है जो धीरे-धीरे शरीर मजबूत करता है लेकिन हृदय गति को बहुत अधिक बढ़ाए बिना। इसके अलावा प्राणायाम श्वास को भी प्रशिक्षित करता है और आराम और तनाव में मदद करता है।
  8. दिल के दौरे के बाद व्यायाम करते समय टिप्स और ट्रिक्स:
  9. i) पहलेचलें।यह आपके ठीक होने के दौरान सही गति विधि है; यह एरोबिक (aerobic) व्यायाम है, जो आपके दिल के लिए बहुत अच्छा है, और तनाव का स्तर घटाता है।
  10. ii) पहले एक सपाट मार्ग पर चलें। चढ़ावऔर पहाड़ियों पर जाने से पहले एक समतल(level) रोड, घर के अंदर या मॉल (mall) में चलना शुरू करें।

iii) खराब मौसम की स्थिति के प्रति सावधान रहें। अत्यधिक गर्म, ठंडी या नम स्थितियों में सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई या सीने में जकड़न जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं। उस स्थिति में घर के अंदर ही व्यायाम करें।

  1. iv) धीरे-धीरेव्यायामका निर्माण करें और व्यायाम  के दौरान दुष्प्रभावों या लक्षणों से सावधान रहें। थोड़ा बढ़ा हुआ श्वास ठीक है, लेकिन अगर आप चलते समय बात नहीं कर पा रहे हैं (सांस फूलने के कारण) तुरंत व्यायाम करना बंद कर दें। यदि लक्षण बने रहते हैं / बिगड़ते हैं या कुछ अन्य लक्षण अनुभव होते हैं जैसे सीने में दर्द, सीने में जकड़न, सांस लेने में तकलीफ़ या सांस लेने में कठिनाई, घबराहट, चक्कर आना,  मतली या जबड़े, बांह, कंधे, पीठ या पेट में तकलीफ़ होना: तुरंत डॉक्टर को कॉल करें ।
  2. v) हमेशाएकदोस्त / रिश्तेदार के साथ व्यायाम करें (विशेष रूप से शुरुआती दिनों में) जो लक्षण होने पर मदद कर सकते हैं और यदि आवश्यक हो तो चिकित्सा सहायता के लिए कॉल कर सकते हैं।
  3. vi) घर/ दफ्तरसे बहुत दूर उद्यम न करें और हमेशा फोन को संभाल कर रखें।

vii) हाइड्रेटेड (पानी पीते) रहें; व्यायाम से पहले और बाद में एक गिलास पानी का सेवन निश्चित रूप से करें

viii) मौसम के अनुसार पोशाक पहनें।

  1. ix) एकआदतस्थापित करें, हर रोज एक ही समय में व्यायाम करने की कोशिश करें और किसी ऐसी आदत को कम करें जो आपके व्यायाम (भोजन, दवाइयों, काम के समय आदि) के समय को प्रभावित कर सकती है।
  2. व्यायामकार्यक्रम कैसे शुरू करें
  3. i) पहले10 मिनटके लिए धीरे-धीरे शुरू करें, धीरे-धीरे गति विधि का निर्माण करें।
  4. ii) वार्मअप (warm-up), कूलडाउन (cool-down) और स्ट्रेच करें।व्यायाम के तुरंत बाद बैठें नहीं बल्कि 5 मिनट या बहुत हल्का व्यायाम करें (ठंडा होने के लिए, अन्यथा तेजी से धड़कन या सिर चकराना के लक्षण हो सकते हैं) ।

 

दिल के लिए स्वस्थ आहार

  1. कौनसा तेल इस्तेमाल करें?
  2. i) अकेलेकोईभी तेल आदर्श नहीं है, लेकिन अगर आप एक ही तेल में खाना पकाने चाहते हैं तो; चावल की भूसी का तेल, सरसों का तेल। मूंगफली का तेल बेहतर है।
  3. ii) 1 तेलकेबजाय मिश्रित तेलों का उपयोग करें (मिश्रण के रूप में 2-3 तेल या प्रत्येक व्यंजन अलग – अलग तेल में पकाएं ).  यह ज्यादा बेहतर होगा।

iii) वनस्पति घी सबसे खराब किस्म का तेल है जिसे सख्ती से बचना चाहिए। सभी प्रकार के स्ट्रीट फूड्स और ढाबा खाद्य पदार्थों और उसके साथ भुजिया, बिस्कुट, केक जैसे डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों से बचा जाना चाहिए क्योंकि वे आम तौर पर वनस्पति घी में पकाए जाते हैं।

  1. iv) तेलोंकापुन – पुन: उपयोग सख्ती से निस्र्त्साहित किया जाना चाहिए क्योंकि उच्च तापमान पर तलने से तेल का ”विघटन” हो जाता है जो इसे बेहद हानिकारक बनाता है।
  2. v) वर्जिनजैतून(virgin olive oil)का तेल केवल सलाद / लाइट कुकिंग के लिए एक अच्छा है, क्योंकि यह बहुत कम तापमान पर विघटन करता है – किसी भी तरह के तलने के लिए उपयोग किए जाने पर अत्यंत हानिकारक सिद्ध होता है।
  3. vi) रिफाइंडतेलोंकी तुलना में प्राकृतिक असंसाधित तेल बेहतर होते हैं।
  4. 1-2 अंडेप्रतिदिनऔर मछली दो बार / सप्ताह खाना हानिकारक नहीं है क्योंकि;
  5. i) खाद्यपदार्थोंमें कोई भी कोलेस्ट्रॉल पाचन तंत्र में टूट जाता है और सीधे अवशोषित नहीं होता है।
  6. ii) रक्त(सीरम) कोलेस्ट्रॉलज्यादातर यकृत में संश्लेषित कोलेस्ट्रॉल से प्राप्त होता है।

इस प्रकार संयम में आहार कोलेस्ट्रॉल की खपत अनुमेय है।

  1. तलेहुए खाद्य पदार्थों और परिष्कृत चीनी से बचें।
  2. संतुलनमें बहुत सारे फल, सब्जियों और बादाम आदि खाएं

एक अच्छी रात की नींद

  1. हर रात एक नियमित बिस्तर-समय रखें। 6-सप्ताह तक लंबी दूरी की विदेश यात्रा न करें (जेट-लैग [jet-lag] से बचने के लिए )।
  2. सोने के समय चाय / कॉफी, शराब या बड़े भोजन से बचें।
  3. अगर नींद की दिक्कत बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह लें।

जीवन-शैली बदले

  1. धूम्रपान बंद करें
  2. वजन कम करें
  3. रक्तचाप पर नियंत्रण रखें
  4. तनाव को नियंत्रण में रखें। तनाव प्रबंधन के लिए कई सरल तकनीकों को लागू किया जा सकता है;
  5. i) प्राणायाम  (गहरी गहरी साँस लें)
  6. ii) टहलने के लिए जाए

iii) योग

  1. iv) सुखदायक संगीत सुनें
  2. v) पुराने दोस्त के साथ गपशप,करें

डॉ. संदीप मिश्रा

  9871421390  

Prof (Dr) Sundeep Mishra

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