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Dr. Nishank honored Rekha Negi with Mrs. Kusumkanta 'Nishank' Smriti Veerangana Teelu Rauteli Samman 2020
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डॉ निशंक ने रेखा नेगी को श्रीमती कुसुमकांता ‘निशंक’ स्मृति वीरांगना तीलू रौतेली सम्मान 2020 से सम्मानित किया

नई दिल्ली, : उत्तराखंड फिल्म एवं नाट्य संस्थान, नई दिल्ली एवं हिमालय विरासत ट्रस्ट उत्तराखंड (हिमालय) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने आज रेखा नेगी को तीसरा श्रीमती कुसुमकांता ‘निशंक’ स्मृति वीरांगना तीलू रौतेली सम्मान- 2020 से सम्मानित किया.यह सम्मान प्रतिवर्ष उत्तराखंड की एक ऐसी महिला को प्रदान किया जाता हैं जो समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण तथा बाल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करती हैं
इस अवसर पर माननीय मंत्री जी ने कहा, “सार्वजनिक क्षेत्र में संघर्ष और विशिष्ट कार्य करने वाली मातृशक्ति को दोनों संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जाना बेहद उल्लेखनीय है. इससे निश्चित रूप से समाज और समाज में कार्य करने वाली मातृशक्ति को प्रेरणा प्राप्त होगी.”
इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के कहानी संग्रह ‘अंतहीन: विमर्शों का पुंज’ पर लिखी गई वारसा विश्वविद्यालय पौलेंड के चेयर हिंदी, डॉ सुधांशु शुक्ला, की समीक्षात्मक पुस्तक का भी विमोचन किया गया. पुस्तक का विमोचन गौड़ संस इंडिया के अध्यक्ष डॉ बी एल गौड़ ने किया. पुस्तक के विमोचन के बारे में बात करते हुए डॉ गौड़ ने कहा, “साहित्यकार संवेदनाओं के साथ-साथ समाज एवं व्यक्ति की पीड़ा और समस्याओं को जब शब्दों में व्यक्त करता है, तो वह लोगों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता हैं.
राजनीतिक जीवन में व्यस्तताओं के बावजूद भी डॉ निशंक हमेशा साहित्य की ओर रुझान रखते हैं. वह निरंतर साहित्य इसमें अपना योगदान देते आ रहे हैं.  डॉ निशंक के साहित्य से समाज के पिछड़े और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को जीवन जीने की एक नई प्रेरणा प्राप्त होती है.”
श्रीमती कुसुमकांता ‘निशंक’ स्मृति वीरांगना तीलू रौतेली सम्मान- 2020 से सम्मानित से सम्मानित होने वाली रेखा नेगी को बधाई देते हुए डॉ गौड़ ने कहा, “उत्तराखंड की मातृशक्ति हमेशा से ही संघर्षशील और प्रेरणा की श्रोत रहीं हैं.
डॉ निशंक ने डॉ गौड़ की साहित्यिक उपलब्धियों के बारे में बताते हुए कहा कि गौड़ जी ने अब तक जो साहित्य रचा, उसका मूल्यांकन उन्हें एक उत्कृष्ट साहित्यकार के रूप में स्थापित करता है.”
इस अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृति संस्थान के कुलपति प्रो  रमेश पाण्डेय, साहित्यकार डॉ विवेक गौतम, डॉ बेचैन कंडियाल सहित हिमालय विरासत ट्रस्ट एवं फिल्म नाट्य संस्थान की सचिव कुसुम चौहान, साहित्यिक सचिव ब्रिजमोहन शर्मा, संरक्षक कुलदीप भंडारी, सांस्कृतिक सचिव मधु बेरिया शाह, नृत्य निर्देशिका गीता बिष्ट, साहित्यकार डॉ आशीष कंधवे , हेमंत कुकरेती, मनोज गौड़, श्रीमती मंजू गौड़ सहित अनेक साहित्यकार, कहानी संग्रह ‘अंतहीन: विमर्शों का पुंज’ के प्रकाशक श्री अनंग एवं सत्यभान सिंह एवं शिक्षाविद  आदि सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे.

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