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India not included in lower middle income category in World Bank report
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विश्व बैंक की रिपोर्ट में भारत विकासशील नहीं लोअर मिडिल इनकम कैटेगरी में शामिल

नई दिल्ली || देश में प्रगति और विकास को दोहराती मोदी सरकार को बड़ा झटका लगा हैं। ये झटका भारत को विकसित बनता देखने के लिए लालयित हर भारतीय के लिए बेहद ही दुखद हैं। विश्व बैंक की विश्लेषण संबंधी सभी रिपोर्ट में भारत को निम्न मध्य आय वाले देशों की श्रेणी में रखा जाएगा। जिसका मतलब यह हुआ कि उभरते भारत की तीव्रता और अधिक नीचे आ गई है।  अब  भारत से विकासशील देश का तमगा हट गया है। विश्व बैंक ने अपनी खास रिपोर्टो के लिए देशों के वर्गीकरण के तरीके में फेरबदल किया है। देशों का समूहीकरण बेहतर तरीके से हो, इस मकसद से ऐसा किया गया है। व‌र्ल्ड बैंक के नए वर्गीकरण से प्रभावित होकर संयुक्त राष्ट्र भी ऐसा कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र की विकासशील देशों की कोई अपनी परिभाषा नहीं है। वह भारत समेत 159 देशों को विकासशील ही मानता है।

विश्व विकास संकेतकों से जुड़े पब्लिकेशन में निम्न और मध्य आय वाले देशों के लिए ‘विकासशील’ शब्द के इस्तेमाल की परंपरा रोकी गई है। विश्लेषण संबंधी उद्देश्यों के लिए भारत का वर्गीकरण निम्न मध्य आय वाली अर्थव्यवस्था के तौर पर होगा। यह साफ करना जरूरी है कि ‘विकासशील देश’ या ‘विकासशील दुनिया’ जैसे शब्दों को सामान्य कार्य में बदला नहीं जा रहा है। यानी इनका भी इस्तेमाल होगा। लेकिन जब बात विशेष आंकड़ों की होगी तो देशों का सटीक वर्गीकरण प्रस्तुत किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि विश्लेषण संबंधी उद्देश्यों के लिए ‘विकासशील देश’ शब्द अब अधिक उपयोगी नहीं रह गया है।  फिलहाल नए क्लासिफिकेशन में ब्रिक्स देशों में से बाकी अन्य भारत से बेहतर श्रेणी में पहुंच गए हैं। ब्राजील, चीन और दक्षिण अफ्रीका को उच्च मध्य आय वाली श्रेणी में रखा गया है। पाकिस्तान और श्रीलंका भारत की श्रेणी में हैं।

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