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कहीं वो नन्हा क़ातिल उसके पीछे ही छुपा ना हो :- National Thoughts Special

नैशनल थॉट्स ब्यूरो :- माटी की सुगंध व्हाट्सएप समूह के द्वारा कोरोना महामारी पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता देश के जाने-माने गीतकार डॉ जय सिंह आर्य ने की। मुख्य अतिथि रहे गीतकार श्री पवन कुमार पवन शामली। नरेंद्र शर्मा खामोश गुरूग्राम का सान्निध्य रहा ।विशिष्ट अतिथि डॉ जयप्रकाश मिश्र गाजियाबाद थे। संचालन अलवर से पधारी कवियत्री डॉक्टर सीमा विजयवर्गीय ने किया।गुरुग्राम से पधारी सुश्री मोनिका शर्मा की सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। तत्पश्चात शामली से पधारे गीतकार प्रीतम सिंह प्रीतम ने अपने गीतों की गंगा बहाई। उनको बहुत पसंद किया गया।हरियाणा से पधारे कविवर भारत भूषण वर्मा ने कोरोना पर अपना बहुत चर्चित गीत पेश किया जिसकी बहुत सराहना हुई। कोरोना पर अपनी रचना पेश करते हुए डॉ जयसिंह आर्य ने कहा:-

दुनिया की इतनी लाचारी देखी क्या
कोरोन सी घातक बीमारी देखी क्या
खानपान चाल चलन सब बदल गए
हुए नमस्ते सबकी प्यारी देखी क्या

मुख्य अतिथि पवन कुमार पवन शामली की कोरोना पर पड़ी इस रचना ने समां बांध दिया:-

जो हमसे रोज मिलता है वह बेशक ही बुरा ना हो
कहीं वह नन्हा कातिल उसके पीछे ही छुपा ना हो
हमेशा एक डर सा एक शक़ सा मन में रहता है
कहीं सपने में भी जालिम तुझे मैंने छुआ ना हो
हमेशा एक डर सा, एक शक़ सा मन में रहता है
कहीं सपने में भी ज़ालिम तुझे मैंने छुआ न हो

गुरुग्राम से पधारे नरेंद्र शर्मा खामोश की करोना पर पड़ी इस नज़्म का श्रौताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सुना:-

चौकस है रहना , चला है करोना
अभी दूर से ही नमस्ते भली है
न नज़दीक आना ,बला है कारोना

डा जयप्रकाश मिश्र ने कोरोना समय में शराब की दुकानों पर अपने काव्य रूपी व्यंग्य बाणों से सबको झकझोर कर रख दिया:-

भूखे बच्चे रोते घर में और ओ बापू को भाती दारू
मंदिर ,मस्जिद में ताले हैं और खुले आम आती है दारू

संचालिका डॉ सीमा विजयवर्गीय अलवर ने अपने काव्य पाठ में राम का नाम जपने का आह्वान करते हुए कहा:-

हर मुश्किल का हल तो एक दिन निकलेगा ही
भज तू सीताराम अरे फिर डर काहे का

कोरोना पर कविवर रामनिवास’ज़ख़्मी’्दिल्ली, मोनिका शर्मा गुरुग्राम, रजनी श्रीवास्तव दिल्ली, चन्द्र शेखर मयूर मेरठ, आराधना सिंह अनूप पानीपत, तेजवीर त्यागी अलीगढ़, वीरेन्द्र पूनिया दिल्ली,सुदेश यादव दिव्य मेरठ, धर्मेंद्र जैन लवली दिल्ली, काव्य पाठ कर सभी को बताया कि इस बीमारी से डरना नहीं बल्कि इसे देश से बाहर भगाना हैं।अनवरत में संयोजक सुदेश यादव दिव्य मेरठ ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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