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Kamlesh Tiwari's main accused in the murder case arrested, wanted to surrender
Kamlesh Tiwari's main accused in the murder case arrested, wanted to surrender
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कमलेश तिवारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी गिरफ्तार, करना चाहते थे सरेंडर

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में दिन-दहाड़े हुई हिंदू महासभा के पूर्व अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड में आए दिन नए खुलासे हो रहे है। गुजरात के एटीएस टीम ने हत्याकांड के मुख्य आरोपियों को पकड़ने का दावा किया है। दोनों मुख्य आरोपियों को राजस्थान बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दावा किया कि दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने कमलेश की नृशंस हत्या विवादित बयान को लेकर ही की थी। आरोपियों को पैसों की किल्लत की वजह से आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए। दरअसल दोनों आरोपियों के पास जब पैसे खत्म हो गए तो उन्होनें पैसों के लिए लोगों से संपर्क साधने की कोशिश की। पहले से घात जमाए जांच अधिकारियों ने दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

मुफ्ती कैफी को पूछताछ के लिए लखनऊ लाया गया

पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी पेशेवर मुजरिम नहीं है।  इनमें एक आरोपी का नाम शेख अशफाक हुसैन है जो एक प्रतिष्ठित कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव था। जबकि दूसरा आरोपी पठान मोईनुद्दीन फूड डिलीवरी का काम करता था।  जानकारी के अनुसार अशफाक गुजरात के सूरत में लिंबायत स्थित ग्रीन व्यू अपार्टमेंट पद्मावती सोसायटी जबकि पठान मोइनुद्दीन सूरत के ही उमरवाड़ा में एक कॉलोनी का रहने वाला है। इसके अलावा बरेली के दरगाह आला हजरत में दोनों आरोपियों की मदद करने वाले मुफ्ती कैफी को पूछताछ के लिए लखनऊ लाया गया है। यूपी एटीएस, एसआईटी और लखनऊ पुलिस ने कैफी से लंबी पूछताछ की है। हालांकि कैफी ने शुरूआती पूछताछ हत्या में शामिल होने और मदद करने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कैफी ने बताया कि आरोपी अशफाक ने इलाज के लिए उनसे मदद जरूर मांगी थी, लेकिन उन्होनें मदद नहीं की।

गिरफ्तारी से पहले आरोपियों ने जताई थी सरेंडर की इच्छा

सूत्रों के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले लखनऊ के ठाकुरगंज निवासी एक वकील को सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे कॉल आई।  फोन करने वालों ने  अपना परिचय कमलेश हत्याकांड के आरोपी शेख अशफाक हुसैन और मोइनुद्दीन के रूप में दिया और जुर्म को कबूलते हुए कोर्ट में सरेंडर करने की इच्छा जताई थी। जिसके लिए वकील ने थोड़ा समय मांगा था। वकील से आरोपियों के संपर्क करने की जानकारी होते ही पुलिस अलर्ट हो गई। और लखनऊ के हत्या करने के बाद गुजरात पहुँचे आरोपियों को आखिरकार राजस्थान बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया।

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