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मोबाइल फोन से जितना दूरी बनाए रख सकते हैं रखें, रेडिएशन से पहुंच सकता है नुकसान

आज के युग में मोबाइल फोन या स्मार्टफोन हर किसी की जरूरत बन गई है| आज के दौर में स्मार्टफोन लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं| एक शोध में पाया गया कि आजकल हर आयु वर्ग वाले लोगों के पास बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक फोन उपलब्ध है और ज्यादातर लोगों के पास इंटरनेट सेवा भी है| हम यह मानते हैं कि इसने हमारा जीवन और आसान बनाया है और कोरोना काल में देखा गया है कि ज्यादातर लोग फोन में ही बिजी रहते हैं जिस कारण वह चिड़चिड़ा स्वभाव के हो जाते हैं| हालांकि कुछ अच्छी बातें भी देखी गई हैं जैसे कि अस्पतालों में रह इलाज करा रहे कोरोनावायरस संक्रमित मरीज इसकी सुविधा से अपने परिजनों से आसानी से बात कर सकते हैं|
शोधकर्ताओं द्वारा बताया गया है कि ज्यादा मोबाइल फोन यूज करने से आपको दुष्परिणाम भी झेलने पड़ सकते हैं| एक तरफ आधुनिक युग में तकनीक द्वारा सभी काम आसान हो गए हैं लेकिन इससे लोगों के जीवन में भी काफी बदलाव आया है| जहां एक ही घर में रह रहे लोग आपस में फोन द्वारा बात करते हैं वहीं कुछ मामलों में देखा गया है कि तकनीक का दुरुपयोग भी किया जा रहा है|
ऑनलाइन स्कैम्स, लोगों से ठगी, बैंक अकाउंट में से पैसे निकाल लेना और उनकी निजी इंफॉर्मेशन को लीक करने जैसी कई समस्याएं सामने आई हैं| मोबाइल फोन एक तरह की रेडिएशन पैदा करते हैं जो कि काफी घातक साबित हो सकती हैं| इन रेडिएशन से आपके सुनने की क्षमता भी कम हो सकती है और इसका दिमाग पर भी सीधा असर होता है| जिससे बच्चों में कैंसर और ल्यूकेमिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है|मोबाइल रेडिएशन से बचने के लिए सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस :-• मोबाइल फोन पर ज्यादा समय तक किसी से बात ना करें |• मोबाइल पर बातचीत करते समय हैंडसेट (ब्लूटूथ) का उपयोग करें या स्पीकर मोड पर कर आप बात करें |• मोबाइल फोन पर बात करते समय कानों से दूरी बनाए रखें, जितना आपसे हो पाए |• मोबाइल फोन पर बात करते समय अगर सिग्नल कट रहा है तो किसी अच्छी जगह पर जाकर बात करें जहां पर सिग्नल आ रहा हो |• जब आप ने चश्मा पहना हो या गीले बाल हो तब फोन पर बात ना, क्योंकि चश्मे के फ्रेम धातु से बने होते हैं और पानी और धातु दोनों ही रेडिएशन या रेडियो तरंगों के बेहतरीन रूप से प्रभावित करते हैं |• बच्चों को मोबाइल फोन कम इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि इससे निकलने वाली रेडिएशन बच्चों को ज्यादा समय तक प्रभावित कर सकती हैं |• मोबाइल फोन खरीदते समय मोबाइल की SAR मूल्य की जांच करनी चाहिए | आप खुद भी *#07#  इस नंबर को डायल कर SAR वैल्यू चेक कर सकते हैं•यदि आपके फोन का SAR नंबर 1.6 वॉट प्रति किलोग्राम से नीचे है तो वह सुरक्षित है अन्यथा तुरंत ही अपने फोन को बदलें |

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