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कार्य में सफलता कैसे प्राप्त करे

दोस्तों हम सभी जानते है की इस दुनिया में असफल लोगो की संख्या सफल लोगो से ज्यादा है। ऐसा क्या कारण है की लोग ज्यादातर कामो में सफल नहीं हो पाते। इसी बात को अच्छे तरिके से समझाने के लिए मैं आपको एक कहानी  सुनाता हूँ।छात्रों के लिए प्रेरणादायक लघु कथाएँ

 

एक गाँव में बूढी औरत के पास एक बगीचा था और वह उसकी देखभाल करती थी। उसके साथ उसका पौता भी रहता था। कुछ समय बाद वह बूढी औरत इतनी बीमार हो गयी की उसे चलने फिरने में परेशानी होने लगी। उसे अपने बगीचे में लगे पौधों की चिंता सताने लगी।


उसने अपने पौते को अपने पास बुलाया और कहा – क्या तुम मेरे स्वस्थ होने तक बगीचे में लगे पौधों का ख्याल रखोगे। पौते ने दादी से वादा करते हुए कहा – हाँ, मैं पेड़ पौधों का ख्याल रखूँगा।

कुछ समय बाद दादी स्वस्थ हो गयी। वह जब बगीचे में गयी तो उसने देखा की ज्यादातर पौधे सुखकर मर चुके थे। उसने अपने पौते को बुलाया और कहा – तुमने मुझसे वादा किया था की तुम मेरे पौधो का ख्याल रखोगे। लेकिन ये सब तो सुख गए है।

लडके ने मायूस होते हुए कहा – मैं रोज इनकी देखभाल करता था। मैं रोज एक कपड़े से इनकी पत्तियाँ पोछता था और फिर रोटी के टुकड़े इनके सामने रख देता था। इतनी देखभाल करने के बाद भी ये सुख गए।


दादी ने कहा – बेटा पेड़ – पौधे रोटी नहीं खाते। इनकी जड़े धरती से अपना खाना अपने आप ले लेती है। बस हमे तो इनकी जड़ो में पानी डालना होता है। यह सुनकर लड़के ने कुछ देर तह सोचा और फिर पूछा – दादी मनुष्य की जड़े कहा होती है।

उसके सर पर हाथ फेरते हुए दादी ने कहा – मनुष्य की जड़े उसके साहस, हिम्मत और धैर्य में होती है।

दोस्तों इस कहानी  से मैं आपको ये समझाना चाहता हूँ की अगर आपके पास साहस, हिम्मत और धैर्य नहीं है तो आप किसी भी काम में सफल नहीं हो सकते। क्योकि ये मनुष्य की वे जड़े है।  

जिसके ऊपर सफलता का पौधा लगता है। जिस भी इंसान की जड़े जितनी कमजोर होती है। इस पर लगने वाला पौधा भी इतना ही कमजोर होता है। जिस पेड़ को हम जमीन  में जितना गहरा पौधा लगाते हे वह पौधा उतना ही अच्छा अच्छा और उतना ही मजबूत होता है  छात्रों के लिए प्रेरणादायक लघु कथाएँ  कार्य में सफलता कैसे प्राप्त करे

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