Hindi News, हिंदी समाचार, Samachar, Breaking News, Latest Khabar
Pain relieved due to Scindia's return, political chess started from Rajmata
Pain relieved due to Scindia's return, political chess started from Rajmata
Breaking News National

सिंधिया की घरवापसी से झलका दर्द, राजमाता से शुरू हुई राजनीतिक बिसात

नई दिल्ली ||  1 जनवरी 1971 को माधवराव सिंधिया के परिवार में जन्मे ज्योतिरादित्य एक बार फिर इतिहास को दोहराते हुए भारतीय जनता पार्टी का दामन थामन को तैयार है। ज्योतिरादित्य सिंधिया को अथाह संपत्ति के साथ राजनीतिक गुण भी विरासत  में मिली। 2001 में मैनपुरी में एक हवाई दुर्घटना में पिता की मौत उन्हें राजनीति में खींच लाई। 2002 से उन्होंने अपना करियर पिता की पसंद की पार्टी से ही आगे बढ़ाया और कांग्रेस के टिकट पर 2002 से लेकर 2014 तक लगातार चार बार सांसद चुने गए। होली के जश्न को भंग कर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया तो बुआ वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे ने इस कदम को घरवारसी करार दिया। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी राजमाता से शुरू हुई राजनीतिक बिसात हर पीढ़ी भारतीय जनता पार्टी से होकर जरूर गुज़रती है। राजमाता के बाद बेटे माधवराव बड़ी बेटी वसुंधरा राजे और छोटी बेटी यशोधरा राजे भारतीय जनता पार्टी से अछूते नहीं थे। जानकारों का मानना है कि राजमाता यही चाहती थी कि उनकी संतान भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी रहे।

इस्तीफे के जरिए सिंधिया ने अपना दुख किया व्यक्त, कहा नई शुरूआत करना चाहते है

माधवराव सिंधिया की जयंती पर कांग्रेस पार्टी ने जहाँ ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए प्रतिबद्धता भारतीय राजनीति का मील का पत्थर है, ‘कैलाशवासी, पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की जयंती पर शत् शत् नमन..किया वहीं दूसरी ओर ज्योतिरादित्या सिंधिया पीएम मोदी से मिलने पहुंचे। इस बैठक में अमित शाह भी मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक, पहले सिंधिया अमित शाह के पास गए और उसके बाद पीएम मोदी से मिलने। पीएम आवास पर मोदी, अमित शाह और सिंधिया की बैठक काफी देर तक चलती रही। वहीं सिंधिया के तेवर देख कमलनाथ ने अपने आवास पर कांग्रेसियों की आपात बैठक बुलाई और देखते ही देखते कांग्रेस के वफादार कहे जाने वाले सिंधिया ने बगावत करते हुए अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया। इस्तीफे में सिंधिया ने अपना दुख बयां किया। उन्होंने लिखा, उनके अंदर जो कुछ भी चल रहा था, वो विधानसभा चुनाव के वक्त से ही चल रहा था। सिंधिया ने आगे कहा, 18 साल से चल रहे इस साथ से आगे बढ़ने का वक्त आ गया है। अब एक नई शुरुआत करना चाहता हूं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्टाफ ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफे की हार्ड कॉपी सौंपी। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के 6 मंत्रियों समेत 22 विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेसियों का गुस्सा फूटा. सिंधिया का पुतला जलाया और उन्हें गद्दार कहा गया।

Related posts