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पाक ने करतारपुर कॉरिडोर का दुरुपयोग न होने का दिया आश्वासन

बाघा || डेरा बाबा नानक साहिब तक जाने वाले करतारपुर गलियारे को लेकर भारत एवं पाकिस्तान के बीच दूसरे दौर की बातचीत रविवार को हुई। बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के बारे में भारत के संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा) एससीएल दास ने कहा कि पाकिस्तान ने हमारे प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि इस कॉरीडोर के माध्यम से किसी भी भारत विरोधी गतिविधि को अंजाम होने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा बाढ़ के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुरक्षा यकीनी की जाए। बैठक के दौरान भारत ने करतारपुर कॉरीडोर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सुनिश्चित की जाए। अभी तक बैठक के बारे में जो जानकारी सामने आई है कि उसके मुताबिक भारत ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि हर रोज 5 हजार श्रद्धालुओं को कारीडोर के माध्यम से गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए आने दिया जाए। इसके अलावा 10 हजार अतिरिक्त श्रद्धालुओं को विशेष पर्वों पर वहां आने दिया जाए। साथ ही भारत ने कहा कि न केवल भारतीय श्रद्धालुओं बल्कि भारतीय मूल के ऐसे लोग जिनके पास ओसीआई (भारतीय विदेशी नागरिकता) कार्ड हों उन्हें भी आने दिया जाए।

इसके अलावा  भारत ने जोर देकर कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में करतारपुर कॉरीडोर से जुड़े पुल का काम भी नवंबर तक पूरा किया जाए। वहीं, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता और दक्षिण एशिया के महानिदेशक मोहम्मद फैसल ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से करतारपुर गलियारे पर निर्माण कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा अपेक्षित और निर्देशित करतारपुर गलियारे के संचालन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। फैसल ने कहा कि आज की बैठक में 80 प्रतिशत मुद्दों पर सहमति बन गई है। एक और बैठक होगी जिसमें बाकी लंबित मुद्दे भी निपटा दिए जाएंगे।  उन्होंने कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि आगामी नवम्बर में गुरु नानक देव के 550 वें प्रकाश उत्सव से पहले दोनों को अपने-अपने क्षेत्रों में करतारपुर साहिब यानी डेरा बाबा नानक जाने की सुविधा के लिए करतारपुर गलियारे का काम पूरा करना है। करतारपुर गलियारे को लेकर दोनों देशों के बीच पहली वार्ता 14 मार्च को अटारी-वाघा सीमा पर भारतीय क्षेत्र में हुई थी। दूसरे दौर की बातचीत गत दो अप्रैल को होनी थी लेकिन पाकिस्तान द्वारा खालिस्तान समर्थक एवं भारत विरोधी गोपाल सिंह चावला को बातचीत में शामिल किये जाने के बाद यह टाल दी गयी थी।

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