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The company is unfairly blocking the app, charging the developers the desired price on the App Store
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हर साल नए मॉडल और सेफ्टी के चलते आईफोन के आदी हो रहे लोग

आपको लग्जरी एंड्रॉयड और आईफोन में से कोई एक चुनने के लिए कहा जाए, तब आप क्या चुनेंगे? जवाब शायद आईफोन ही हो। दुनिया के लाखों लोगों में आईफोन की दीवानगी है, लेकिन इसकी कीमत आम आदमी के बजट से बाहर होती है। या यूं कहें कि इसे खरीदने के बाद आम आदमी का बजट भी बिगड़ सकता है। वैसे जो लोग आईफोन नहीं खरीद पाते वो खुद को इस बात से राहत दे सकते हैं कि आईफोन बहुत सारे काम कर ही नहीं सकता। इस बात को छोटे से उदाहरण से समझते हैं…

  • क्या आपने कभी अपने आईफोन पर एक बेहतर वॉइस असिस्टेंट के लिए सीरी को स्वैप करने की कोशिश की है?
  • क्या आपने किंडल ऐप से ई-बुक्स खरीदने की कोशिश की?
  • क्या कभी किसी एंड्रॉयड स्मार्टफोन वाले व्यक्ति को आईमैसेज भेजे हैं?
  • क्या आपने आईफोन का बैकअप कभी गूगल ड्राइव पर लिया है?
  • क्या कभी अपने आईफोन को रिपेयर करने के लिए एपल से पार्ट्स मिले हैं?

इन 5 बातों का जवाब नहीं और सिर्फ नहीं में मिलेगा? आपको यकीन नहीं हो तो अपने किसी ऐसे दोस्त से इन सवालों को पूछें जो आईफोन चला रहे हैं। इसके बाद भी आप अपना पहला आईफोन खरीदने जा रहे हैं, तो आपके लिए ‘बेस्ट ऑफ लक’ कहना तो बनता है।

अपडेटेड आईफोन और सिक्योरिटी के हम आदी हो रहे
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ के टेक्नोलॉजी कॉलमनिस्ट, जेफ्री ए फाउलर ने बताया कि वे पिछले 12 साल से आईफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ज्यादातर लोगों की तरह वे भी फोन बदलना नहीं चाहते, लेकिन एपल द्वारा तैयार किए जा रहे आईफोन के आदी हो रहे हैं। कंपनी लगातार आईफोन को एडवांस बना रही है। कंपनी का कहना है कि वो हमारी सिक्योरिटी और प्राइवेसी की रक्षा कर रही है। जबकि आईफोन को लॉक करना भी हमें कंट्रोल कर रहा है। ये सबकुछ एपल का ज्यादा पैसे कमाने के लिए है।

जेफ्री कहते हैं कि आईफोन के ओनर होने के नाते उन्हें इस बात का अधिकार होना चाहिए कि वे उस पर सभी काम कर सकें, लेकिन एपल उन्हें ऐसा नहीं करने देती। इस बात को लेकर उन्होंने दूसरे आईफोन यूजर्स की राय भी मांगी है।

स्टोर्स की मदद से ऐप डेवलपर्स पर दबाव बनाना
इसी सप्ताह एक मामले की सुनवाई में ये साफ हो गया कि कंज्यूमर्स के लिए एपल की अनियमित शक्ति कितनी हानिकारक हो गई है। दरअसल, एपल ने एपिक के वीडियो गेम ‘फोर्टनाइट’ को ऐप स्टोर पर लाने के लिए 30 प्रतिशत कमीशन मांगा है। डेवलपर्स को ये पेमेंट करना भी होगा क्योंकि एपल आईफोन पर ऐप इन्स्टॉलेशन के लिए एकमात्र स्टोर को परमिशन देता है।

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