गम के थपेड़े खा - खा कर,
Hindi News, हिंदी समाचार, Samachar, Breaking News, Latest Khabar
Shashi Bhushan Singh: after eating gum
Breaking News Entertainment and Cinema

गम के थपेड़े खा – खा कर : शशि भूषण सिंह

गम के थपेड़े खा – खा कर,
मैं भूल गया, मैं कौन हूँ।
बस सपने ही तो अपने थे,
वे सपने भी अब टूट गये।
जिनको मैं चाहा अपने हैं,
वे रिश्ते भी अब छूट गये।
चाहे सता ले जितना भी,
मैं चुप रहा, मैं मौन हूँ।
जीवन की राहें लम्बी थी.
पर उन पर कांटे उग आये.
उन काँटों में, मैं उलझ गया,
ये उलझन कैसे सुलझायें।
अब क्या क्या होगा आगे?
ये सोंच के, मैं बेचैन हूँ ।
गम के थपेड़े खा – खा कर,
मैं भूल गया मैं कौन हूँ ?

शशि भूषण सिंह

Related posts