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The Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chauhan himself admitted, Kamal Nath's government was dropped on the instructions of the BJP high command.
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कमलनाथ की सरकार भाजपा आलाकमान के निर्देश पर गिराई थी

नैशनल थॉट्स /आलोक गौड़ :- देश आज जिस कोरोना वायरस की महामारी से बुरी तरह से जूझ रहा है और जिसके कारण भारतीय अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। उसके लिए और कोई नहीं बल्कि केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी ही जिम्मेदार है। जब केंद्र सरकार को कोरोना वायरस से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए थे,तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित उनकी सरकार गुजरात के अहमदाबाद में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी हुई। यह कार्यक्रम समाप्त होने के बाद नरेंद्र मोदी और भाजपा आलाकमान मध्य प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को गिराने में जुट गई। कमलनाथ सरकार को गिराने की साज़िश रचने का खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि खुद राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया है।

डोनाल्ड ट्रंप की अहमदाबाद यात्रा और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त करने में कीमती समय नष्ट करने के बजाय यदि मोदी सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए होते तो देश में आज इतनी भयावह स्थिति नहीं होती।मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराने की साज़िश रचने की बात राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के सांवेर विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के सिलसिले में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही है। उनके मुताबिक भाजपा आलाकमान के निर्देश पर कमलनाथ सरकार को गिराने की साज़िश रची गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस साज़िश को राज्य के उपमुख्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और तुलसी सिलावट के सहयोग के बिना अंजाम तक पहुंचाना संभव नहीं था।

सांवेर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में तुलसी सिलावट इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान उन्हें जिताने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए आए थे। तभी उन्होंने कमलनाथ सरकार को गिराने में भाजपा आलाकमान के निर्देश और उसकी भूमिका का खुलासा किया।मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायकों के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद राज्य में 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार गिर गई थी। जिसके बाद 23 मार्च को मध्य प्रदेश के राज्यपाल ने एक बार फिर से शिवराज सिंह चौहान को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई थी। जिसके अगले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कोरोना से निपटने के लिए लाक डाउन लागू करने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद देशभर के मजदूरों के साथ जो कुछ भी हुआ। वह हम सबने देखा है।

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