नैशनल थॉट्स ब्यूरो<" />
Hindi News, हिंदी समाचार, Samachar, Breaking News, Latest Khabar
The state government bought fake ventilators from a company close to Gujarat Chief Minister Vijay Rupani
Breaking News City State

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी के करीबी की कंपनी से राज्य सरकार ने खरीदे नकली वेंटिलेटर

नैशनल थॉट्स ब्यूरो :- एक ओर तो पूरा देश कोरोना वायरस के महासंकट से जूझ रहा है। इससे निपटने के लिए देश में लाक डाउन लागू किया गया है। बावजूद इसके कोरोना संक्रमितों की संख्या काफी तेजी बढ़ रही है। दूसरी ओर सरकार की मिलीभगत से कोरोना से बचने के घटिया किस्म के उपकरण खरीद कर मरीजों की जान संकट में डालने के मामले भी सामने आ रहे हैं। ताज़ा मामला कोरोना वायरस से महाराष्ट्र के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित गुजरात राज्य से सामने आया है। यहां राज्य सरकार ने एक कंपनी से पांच हजार नकली वेंटिलेटर मशीनें खरीद कर उन्हें अहमदाबाद के बड़े सरकारी अस्पतालों को दे दिया।

दिलचस्प बात तो यह है कि निजी कंपनी की ओर से बनाए गए इन नकली वेंटिलेटर को न केवल राज्य के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने खुद लांच किया था बल्कि इनकी शान में कसीदे भी पढे थे। उन्होंने इसे एक बड़ी कामयाबी बताया था। जबकि कंपनी के प्रबंध निदेशक पराक्रम सिंह जडेजा ने मुख्यमंत्री विजय रुपानी को अपना प्रेरणापुंज बताया था। अब पता चला है कि सरकार ने जो वेंटिलेटर मशीनें खरीदी हैं। दरअसल वे वेंटिलेटर नहीं बल्कि आक्सीजन की साधारण किस्म की मशीनें हैं। जिनकी न तो बड़े सरकारी अस्पतालों में कोई उपयोगिता है और न ही ज़रुरत। हैरानी की बात तो यह है कि कोरोना के मरीजों की जान बचाने के लिए अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली वेंटिलेटर मशीनें खरीदने से पहले इनकी किसी प्रकार की जांच तक नहीं कराई गई।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक वेंटिलेटर मशीनें बनाने और सरकारी अस्पतालों में सप्लाई करने वाली कंपनी का एक भागीदार गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी का करीबी है तो दूसरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनका नाम लिखा डेढ़ लाख रुपए का सूट भेंट कर सुर्खियां बटोरने वाले परिवार से ताल्लुक रखता है।इस संबंध में गुजरात की प्रधान स्वास्थ्य सचिव जयंती रवि के मुताबिक यह पांच हजार वेंटिलेटर मशीनें खरीदने का आदेश सरकार की ओर से संचालित एचएलएल लाइफकेयर की ओर से दिया गया था। इसका भुगतान पीएम केयर फंड से किया जाएगा।

अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में मेड इन इंडिया वेंटिलेटर मशीनें सप्लाई करने वाली ज्योति सीएनसी आटोमेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पराक्रम सिंह जडेजा मुख्यमंत्री विजय रुपानी के करीबी माने जाते हैं। अहमदाबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल ने इन वेंटिलेटर को सही न बताते हुए दूसरी मशीनें मुहैया कराने की मांग की है। जिस वक्त मुख्यमंत्री विजय रुपानी दस दिन के भीतर पूरी तरह से स्वदेशी और सस्ती वेंटिलेटर मशीन तैयार करने के लिए कंपनी की तारीफ करने के साथ ही उसके प्रबंध निदेशक पराक्रम सिंह जडेजा की पीठ थपथपा रहे थे तब भी वरिष्ठ डॉक्टर उनके दावे से सहमत नहीं थे।

लेकिन मुख्यमंत्री के सामने मुंह खोलने के खतरे को देखते हुए उन्होंने चुप रहने में ही भलाई समझी। उनके मुताबिक ऐसे वेंटिलेटर की कोई जरूरत नहीं थी। हैरानी की बात तो यह है कि सरकारी अस्पताल में सप्लाई करने से पहले इनकी उचित जांच तक नहीं कराई गई। केवल एक आदमी ने इनकी जांच की थी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही इन्हें पास कर दिया गया। जांच के दौरान भी कंपनी के प्रबंध निदेशक पराक्रम सिंह जडेजा उसे बार बार बता रहे थे कि उन्हें मुख्यमंत्री विजय रुपानी रोज फोन करते हैं।इस कंपनी के दूसरे भागीदार सूरत के उस रमेश भाई भीखा भाई वीरानी परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डेढ़ लाख रुपए का सूट भेंट किया था। उस परिवार के अनिल और किशोर के नाम पर कंपनी के 46.76 फीसदी शेयर हैं।

आलोक गौड़

Related posts

Leave a Comment